धुमाकोट बस हादसा: गुस्साई महिला ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से कहा- भाग जाओ, वरना मारेंगे पत्थर
घटना के बाद दौरा करने को लेकर महिला, नाराजगी जता रही है। हादसे के तीन दिन बाद सामने आए इस वीडियो के वायरल होते ही सीएम के समर्थकों और विरोधियों के बीच फिर नए सिरे से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
सीएम के साथ चल रहे लैंसडाउन विधायक दिलीप रावत के मुताबिक महिला पुलिसकर्मियों पर भड़क रही है, मगर संवाद उनके इस दावे से मेल नहीं खाते। रविवार को भीषण बस हादसे की सूचना पर आनन-फानन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पौड़ी पहुंचे थे।
'यहां से भाग जाओ, नहीं तो हम पत्थर मार देंगे'
महिला कह रही है कि ‘और दिन क्यों नहीं घूमते तुम लोग, बस वोट बनाने के लिए इधर आ जाते हो, भाग जाओ यहां से वरना पत्थर मारेंगे।' गौरतलब है कि हादसे की अहम वजह में ओवर लोडिंग के अलावा सड़क पर मौजूद गड्ढे भी थे। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक लंबे अरसे से पीडब्ल्यूडी के अलावा अन्य विभागों में इन्हें दुरुस्त करने की गुहार लगाई जा रही है, मगर किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
अब इतने बड़े हादसे में 48 लोगों की जान जाने के बाद यहां दौरे और निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। महिला का गुबार भी इसी मुद्दे पर निकल रहा है। हालांकि वीडियो में मुख्यमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया देने की दृश्य नजर नहीं आ रहा है। देखकर ऐसा भी लग रहा है कि महिला की बात सीएम के कान तक पहुंची भी नहीं।
48 लोगों की मौत और 13 लोग घायल
एक जुलाई को उत्तराखंड के कोटद्वार में एक बस के खाई में गिरने से 48 लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। हादसे का कारण बस का ओवरलोड होना और सड़क पर एक गड्ढा बना।
पौड़ी जिले के धुमाकोट तहसील क्षेत्र में रविवार को सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर भौन पीपली मोटर मार्ग में 61 सवारियों से खचाखच भरी 30 सीटर बस गहरी खाई में गिर गई थी।
हादसे में 13 लोग घायल हुए, जिनमें से 12 को रामनगर समेत हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया। तीन बच्चों को एयरलिफ्ट कर जौलीग्रांट भर्ती किया गया। मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जौलीग्रांट अस्पताल जाकर उनका हाल-चाल जाना।