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Dehradun News: खत्म हुआ इंतजार, घिगोऊ में विराजमान होंगे चालदा महाराज
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I15 दिसंबर को देवता पहुंचेंगे टगरी से घिंगोऊ, गांव में उत्साह का माहौल
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I20 हजार श्रद्धालुओं के यात्रा में शामिल होने की उम्मीदI
खत सैली के 25 गांवों के आराध्य कुल देवता चालदा महाराज करीब 35 साल बाद 15 दिसंबर को छह माह के प्रवास पर घिंगोऊ गांव आएंगे। देवता के आगमन को लेकर घिंगोऊ गांव में उत्सव का माहौल है। ग्रामीण देवता की अगवानी की तैयारियों में जुटे हैं। देव-दर्शन और उनके स्वागत की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के यात्रा में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
चालदा महासू देवता के बजीर जसवीर सिंह ने बताया है कि खत सैली के टगरी गांव स्थित प्राचीन मंदिर देवता का मूल स्थान है। उन्होंने बताया कि देवता अपनी इच्छा से वर्षों बाद अपनी प्रवास यात्रा के लिए हयौ और घिंगोऊ गांव आते हैं। घिंगोऊ गांव निवासी स्याणा अतर सिंह, जवाहर सिंह पुजारी, मुन्नाराम जोशी, देव कारिंदे, सुरेंद्र सिंह, टीकाराम आदि ने बताया कि इससे पूर्व चालदा महासू देवता वर्ष 1988 में प्रवास के लिए घिंगोऊ गांव आए थे। उन्होंने बताया कि देवता अब 35 साल बाद घिंगोऊ गांव के नव निर्मित मंदिर में विराजमान होंगे।देवता के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश और पूजा-अर्चना के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस प्रवास यात्रा में करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
I21-22 लाख रुपये में तैयार हुआ देवता का भव्य मंदिरI
घिंगोऊ गांव में चालदा महासू देवता के लिए नए भव्य मंदिर का निर्माण करवाया गया है। गांव के ही 20 परिवारों ने सहयोग किया है। मंदिर की लागत करीब 21 से 22 लाख रुपये के मध्य हैं। महासू देवता मंदिर का निर्माण हूड़ स्थापत्य कला या नागर स्थापत्य कला के अनुसार किया जाता है। मंदिर में निर्माण पत्थर, लकड़ी और धातु का प्रयोग होता है। देवता को विराजमान करने से पूर्व मंदिर का शुद्धिकरण किया जाता है।
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I20 हजार श्रद्धालुओं के यात्रा में शामिल होने की उम्मीदI
खत सैली के 25 गांवों के आराध्य कुल देवता चालदा महाराज करीब 35 साल बाद 15 दिसंबर को छह माह के प्रवास पर घिंगोऊ गांव आएंगे। देवता के आगमन को लेकर घिंगोऊ गांव में उत्सव का माहौल है। ग्रामीण देवता की अगवानी की तैयारियों में जुटे हैं। देव-दर्शन और उनके स्वागत की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के यात्रा में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
चालदा महासू देवता के बजीर जसवीर सिंह ने बताया है कि खत सैली के टगरी गांव स्थित प्राचीन मंदिर देवता का मूल स्थान है। उन्होंने बताया कि देवता अपनी इच्छा से वर्षों बाद अपनी प्रवास यात्रा के लिए हयौ और घिंगोऊ गांव आते हैं। घिंगोऊ गांव निवासी स्याणा अतर सिंह, जवाहर सिंह पुजारी, मुन्नाराम जोशी, देव कारिंदे, सुरेंद्र सिंह, टीकाराम आदि ने बताया कि इससे पूर्व चालदा महासू देवता वर्ष 1988 में प्रवास के लिए घिंगोऊ गांव आए थे। उन्होंने बताया कि देवता अब 35 साल बाद घिंगोऊ गांव के नव निर्मित मंदिर में विराजमान होंगे।देवता के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश और पूजा-अर्चना के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस प्रवास यात्रा में करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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I21-22 लाख रुपये में तैयार हुआ देवता का भव्य मंदिरI
घिंगोऊ गांव में चालदा महासू देवता के लिए नए भव्य मंदिर का निर्माण करवाया गया है। गांव के ही 20 परिवारों ने सहयोग किया है। मंदिर की लागत करीब 21 से 22 लाख रुपये के मध्य हैं। महासू देवता मंदिर का निर्माण हूड़ स्थापत्य कला या नागर स्थापत्य कला के अनुसार किया जाता है। मंदिर में निर्माण पत्थर, लकड़ी और धातु का प्रयोग होता है। देवता को विराजमान करने से पूर्व मंदिर का शुद्धिकरण किया जाता है।
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