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जुर्म से ज्यादा राजनीति का शिकार हुआ ये गैंगस्टर, इस गलती ने ले ली जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Wed, 22 Nov 2017 07:51 AM IST
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devpal rana
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कहते हैं जुर्म की दुनिया का अंत भला नहीं होता, लेकिन देवपाल जुर्म से ज्यादा राजनीतिक का शिकार हुआ है। देवपाल राजनीति की दुनिया में कदम रखकर सफेद लिबास ओढना चाहता था। लेकिन शायद उसे नहीं पता था।
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कि राजनीति की दुनिया जुर्म की दुनिया से भी खतरनाक हो सकती है। ऋषिपाल राणा से राजनीतिक प्रतिद्वंदिता उसे भारी पड़ गई। ऐसे में यह कहना गलत न होगा कि राजनीतिक की दुनिया जुर्म की दुनिया से कहीं भारी हैं।
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अगर हाथ में हथकड़ी होती तो बच जाता देवपाल
अगर देवपाल के हाथों में हथकड़ी होती तो शायद देवपाल बच जाता। जिस समय देवपाल को पेशी के लिए रामनगर कोर्ट में पुलिस सुरक्षा के बीच लाया गया। उस समय उसे हथकड़ी नहीं पहनाई गई थी।
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यहां गौर करने लायक है कि बड़े अपराधियों के साथ पुलिस ने चलन बना लिया है कि उन्हें बिना हथकड़ी के पेशी पर लाया जाता है जबकि छोटे अपराधियों को बाकायदा हथकड़ी पहनाकर लाया जाता है।
सोमवार को भी यही हुआ। देवपाल के हाथ में न हथकड़ी थी और घटना के दौरान उसके साथ मौजूद पुलिसकर्मी भी छितर बितर हो गए। ऐसे में यदि हथकड़ी होती तो उस हथकड़ी को पकडने वाले पुलिसकर्मी कहीं न कहीं उसे बचाने के लिए ज्यादा मेहनत करते।