Uttarakhand: प्रदेश के सरकारी डिग्री कॉलेजों में स्थापित होगा देवभूमि उद्यमिता केंद्र, जानें क्या है योजना
देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत 90 प्राध्यापकों को उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। राज्य उच्च शिक्षण संस्थाओं के 22 संकाय सदस्यों ने ईडीआईआई, अहमदाबाद में पांच नवम्बर से 10 नवंबर तक प्रशिक्षण लिया है।
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प्रदेश के सभी 119 राजकीय महाविद्यालयों में देवभूमि उद्यमिता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह कहना है देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी एवं सहायक निदेशक, उच्च शिक्षा डॉ. दीपक कुमार पांडेय का।
उन्होंने कहा, योजना के तहत छात्रों में उद्यमशील गुणों की पहचान करने के बाद उनका विकास किया जाएगा। नोडल अधिकारी के मुताबिक, योजना का उद्देश्य राज्य के विश्वविद्यालयों एवं राजकीय संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नवाचार एवं उद्यम का पारिस्थितिक तंत्र विकसित करना है।
देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत 90 प्राध्यापकों को उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। राज्य उच्च शिक्षण संस्थाओं के 22 संकाय सदस्यों ने ईडीआईआई, अहमदाबाद में पांच नवम्बर से 10 नवंबर तक प्रशिक्षण लिया है।
नैनीताल, टिहरी गढ़वाल से तीन-तीन, हरिद्वार, अल्मोड़ा, चमोली, देहरादून से दो-दो, और पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, उत्तरकाशी, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग से एक-एक संकाय सदस्यों ने प्रतिभाग किया। अगले दो बैच अगले महीने दिसंबर में छह दिवसीय फैकल्टी मेंटर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए ईडीआईआई अहमदाबाद जाएंगे।
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उद्यमिता केंद्रों में इस पर रहेगा जोर
छात्रों में उद्यमशील गुणों को पहचान करना और उनका विकास करना।
स्टार्ट-अप अवसर की पहचान करना।
उद्यमिता पर पाठ्यक्रम विकसित करना।
स्टार्ट-अप फंडिंग और वेंचर कैपिटल।
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