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पंचायत चुनाव बना चुनौती, हाईकोर्ट में देना है जबाव
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 03 Dec 2013 10:03 AM IST
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हाईकोर्ट के सामने रखे जाने वाले जवाब में पंचायत विभाग एक माह में जनगणना 2011 के आधार पर नया परिसीमन कराने को तैयार है।
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पुराने परिसीमन के आधार पर चुनाव न कराने की एक याचिका पर हाईकोर्ट ने शासन से पूछा था कि परिसीमन और आरक्षण कितने समय में करा लिया जाएगा। मंगलवार को शासन यह जवाब दाखिल करेगा।
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पहले ही किया जा चुका है अधिकतम काम
हालांकि 2001 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कराने में पंचायत विभाग ने करीब तीन माह का समय लगाया था। पर इस बार तर्क यह है कि परिसीमन का अधिकतम काम पहले ही किया जा चुका है।
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जनगणना 2001 और 2011 के बीच पर्वतीय जिलों में ग्रामीण आबादी में बहुत अधिक फर्क नही है। ऐसे में इन नौ जिलों में परिसीमन का काम न के बराबर होना है। तरीका यह होगा कि नई ग्राम पंचायतों के गठन का प्रस्ताव मांग लिया जाएगा और प्रस्ताव मिलने पर परिसीमन कर लिया जाएगा।
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ज्यादा काम तीन मैदानी जिलों में है। हरिद्वार में अभी चुनाव हो नही रहे हैं लिहाजा देहरादून, उधमसिंहनगर और नैनीताल में परिसीमन में मेहनत लगेगी। इसी तरह आरक्षण का काम भी 15 दिन में पूरा कर लिए जाने का दावा किया जा रहा है।
बहुत अधिक बदलाव की जरूरत महसूस नहीं
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायतों में आरक्षण में खास फेरबदल की गुंजाइश नही है। ग्राम पंचायतों में आरक्षण की कसरत करनी होगी। इसमें भी बहुत अधिक बदलाव की जरूरत महसूस नहीं की गई है।
मंगलवार को शासन की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाना है। सोमवार देर शाम तक इस पर कसरत की जाती रही।
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