Dehradun Weather: 12 घंटे लगातार बारिश से लबालब हुई राजधानी, कैंपटी फॉल में पानी बढ़ने से आवाजाही पर लगाई रोक
मूसलाधार बारिश के चलते नालों का पानी आसपास की दुकानों व घरों में घुस गया। इसके चलते लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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राजधानी देहरादून में शुक्रवार को तड़के शुरू हुई बारिश लगातार बारह घंटे तक होती रही। इससे शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। मूसलाधार बारिश के चलते जहां राजधानी के बड़े प्रमुख चौराहों दिलाराम चौक, सर्वे चौक, घंटाघर, महाराजा अग्रसेन चौक, कारगी चौक, बुद्धा चौक पर जबरदस्त जलभराव हो गया। वहीं, कई इलाकों में स्थित नालों में उफान आ जाने से भारी मुसीबत खड़ी हो गई।
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मूसलाधार बारिश के चलते नालों का पानी आसपास की दुकानों व घरों में घुस गया। इसके चलते लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से दिन के समय राजधानी के प्रमुख चौराहों पर जलभराव होने यातायात जाम हो गया। चौराहों से गुजर रहे लोगों को भी परेशानियां झेलनी पड़ीं।
यातायात बहाल कराने को लेकर पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। दूसरी ओर विकासनगर, साहिया, चकराता, मसूरी, समेत कई इलाकों में दर्जनभर सड़कें टूट गई हैं। इन सड़कों पर यातायात बंद हो गया, जिसके चलते लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
सहसपुर में सबसे अधिक 90.50 मिमी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे के भीतर सहसपुर में सबसे अधिक 90.50 मिमी, चकराता में 37.50, मसूरी में 69.50, ऋषिकेश में 12.4, रायवाला में 8.50, कालसी में 43, नागथात में 45, लाखामंडल में 19 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
रिस्पना और बिंदाल के किनारे की बस्तियों के लोगों ने जागकर गुजारी रात
भारी बारिश से रिस्पना और बिंदाल जैसी नदियों के किनारे बसी दो दर्जन से अधिक बस्तियों के लोगों की भी सांसे अटकी रहीं। नदियों के किनारे बसे लोगों ने जागकर रात गुुजारी। लोगों को इस बात का डर सताता रहा कि न जाने कब दोनों नदियों में उफान आ जाए और उन्हें भारी मुसीबत का सामना करना पड़े।
कैंपटी फॉल और झील में बढ़ गया पानी
कैंपटी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण फॉल और झील में पानी बढ़ गया है। इसको देखते हुए पर्यटकों की आवाजाही पर पुलिस ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। झील में बड़े पैमाने पर मलबा भी आ गया है।
क्षेत्र में जमकर हुई बारिश से कैंपटी फॉल में और झील में भारी मात्रा में पत्थर, रेत-बजरी आई। कैंपटी थानाध्यक्ष नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए फॉल और झील में जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
बताया कि झील के पास पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की लगातार चेकिंग की जा रही है। कोरोना गाइडलाइन का सख्ती के साथ पालन कराया जा रहा है।
18 घंटे तक लगातार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त
मसूरी शहर में 18 घंटों तक लगातार हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई जगह सड़क पर मलबा आने से लोगों की परेशानी बढ गई। पर्यटक होटलों में कैद होकर रह गए। शुक्रवार देर शाम को मौसम खुला तो पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
शहर में लगातार हुई बारिश से पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोगों के रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हुए। वही, कई जगह मलबा आने से यातायात बाधित रहा। कैंपटी रोड़, गलोगी धार की पहाड़ी से लगतार मलबा और बोल्डर गिरते रहे, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवजाही में परेशानी उठानी पड़ी।
दोपहर बाद बारिश रुकने पर पर्यटक बाहर निकले और मालरोड की सैर करते दिखाई दिए। दिल्ली की महिला पर्यटक सिमरन कौर ने कहा कि मसूरी में बारिश के बाद बेहद खुशनुमा मौसम हो गया है। हल्की ठंड में घूमने में आनंद आ रहा है। देर शाम तक मालरोड और कैमलबैक रोड पर पर्यटक घूमते नजर आए।