{"_id":"5e463e9a8ebc3ee6040abc09","slug":"dehradun-railway-stations-name-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: रेलवे स्टेशनों के नाम से नहीं हटेगी उर्दू, संस्कृत समेत चार भाषाओं में लिखे जाएंगे नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: रेलवे स्टेशनों के नाम से नहीं हटेगी उर्दू, संस्कृत समेत चार भाषाओं में लिखे जाएंगे नाम
Fri, 14 Feb 2020 12:01 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 14 Feb 2020 12:01 PM IST
विज्ञापन
देहरादून रेलवे स्टेशन में लगा बोर्ड
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति और संस्कृत महाविद्यालय शिक्षक संघ समिति ने देहरादून स्टेशन का नाम संस्कृत की जगह दोबारा उर्दू में लिखने के विरोध किया। उन्होंने स्टेशन निदेशक गणेश चंद ठाकुर का घेराव किया था।
विज्ञापन
स्टेशन निदेशक ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। निर्देश मिलते ही साइन बोर्ड पर संस्कृत में भी स्टेशन का नाम लिखा जाएगा। उनका कहना है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने संस्कृत में नाम लिख दिया था। अभी डीएम की ओर से नाम नहीं दिया गया है। जब दिया जाएगा तो लिख दिया जाएगा।
विज्ञापन
स्टेशन निदेशक को दिए ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने बताया कि देहरादून रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण कार्यों के बाद भारत की प्राचीन और उत्तराखंड की द्वितीय राजभाषा संस्कृत में देहरादूनम् लिखा गया था। अब संस्कृत भाषा में लिखा देहरादून का नाम हटाकर उर्दू भाषा में कर दिया गया है।
विज्ञापन
यह संस्कृत भाषा का अपमान है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि देहरादून स्टेशन का नाम साइन बोर्ड पर दो दिन के भीतर संस्कृत भाषा में नहीं लिखा तो सभी सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को रेलवे के विरोध में धरना प्रदर्शन करने के लिए एकत्र होना पड़ेगा।