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Dehradun: 11 देशों के 17 प्रतिनिधि पहुंचे देहरादून, किया बाणगंगा क्षेत्र में जल संरक्षण मॉडल का गहन अध्ययन
Thu, 26 Feb 2026 11:36 PM IST
Alka Tyagi
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:36 PM IST
सार
भ्रमण के दौरान टीम ने बाणगंगा जलागम क्षेत्र में किए गए विभिन्न संरक्षण उपायों- जैसे वर्षा जल संचयन, स्रोत संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण संरचनाएं, कंटूर ट्रेंच, चेकडैम, चालखाल निर्माण और सामुदायिक सहभागिता आधारित जल प्रबंधन कार्यों की जानकारी ली।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अंतराष्ट्रीय संघ आईयूसीएन (इंटरनेशन यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर) के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को गांव पुरोहित वाला (बाण गंगा जलागम) क्षेत्र का भ्रमण कर स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन के तहत संचालित कार्यों का अवलोकन किया। इस दल का गठन जैव विविधता संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इस दल में 11 देशों से आए 17 प्रतिनिधि शामिल हैं।
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भ्रमण के दौरान टीम ने बाणगंगा जलागम क्षेत्र में किए गए विभिन्न संरक्षण उपायों- जैसे वर्षा जल संचयन, स्रोत संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण संरचनाएं, कंटूर ट्रेंच, चेकडैम, चालखाल निर्माण और सामुदायिक सहभागिता आधारित जल प्रबंधन कार्यों की जानकारी ली। प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार ने बाणगंगा स्प्रिंग शेड में जल संरक्षण के लिए निर्मित प्राकृतिक संरचनों के निर्माण, उपयोग और उनसे प्राप्त सकारात्मक परिणामों के संबंध में प्रतिनिधिमंडल को विस्तार से बताया।
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प्रतिनिधिमंडल ने स्प्रिंग और रिजुविनेशन ऑथोरिटी (सारा), वन विभाग और स्थानीय समुदाय द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। टीम ने कहा कि इस प्रकार के पहलें जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती हैं। भ्रमण के बाद प्रतिनिधिमंडल मानव भारती एंगल हिल्स स्कूल पहुंचा। यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनके अनुभव साझा किए और पौधारोपण किया।
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एसीईओ सारा, डॉ. कहकशां नसीम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल स्रोतों के संरक्षण हेतु एक व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) द्वारा ब्रिज गैप परियोजना संचालित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत आईयूसीएन ने असम में मेघना नदी के संरक्षण पर कार्य किया है।
डॉ. नसीम ने कहा कि पुरोहितवाला में अनौपचारिक रूप से एक जल संरक्षण समूह सक्रिय है, जिसने सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का उत्कृष्ट संरक्षण किया है। विशेष रूप से ‘अंगेलिया’ वन क्षेत्र अत्यंत स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित अवस्था में है। आईयूसीएन प्रतिनिधिमंडल में यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे, पोलैंड, जर्मनी, इक्वाडोर, जिम्बाब्वे, अमेरिका, स्पेन, कैमरून, केन्या, ताजिकिस्तान एवं भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इस दौरान उप निदेशक डीएस रावत, डीएफओ नीरज कुमार, अधीक्षण अभियंता संजय रॉय, अधिशासी अभियंता सिंचाई दीक्षांत गुप्ता, जिला विकास अधिकारी संजीव कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।