श्री झंडेजी मेला: स्नान में ‘इंद्रदेव’ तो आरोहण में ‘सूर्यदेव’ ने दिए दर्शन
- श्री झंडेजी को पंचगव्य से स्नान शुरू कराने के दौरान हुई बारिश
- आरोहण शुरू होने से पहले बादलों में छिपा सूरज कुछ देर दिखा
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श्री झंडे साहिब, संगतों की अटूट आस्था के प्रतीक हैं। आरोहण के दौरान लाखों संगतों ने इस दिव्य शक्ति के दर्शन किए। श्री झंडेजी के स्नान के समय बारिश हुई तो मानो साक्षात इंद्रदेव प्रकट हो गए हों। दोपहर में आरोहण शुरू होने लगा तो दिनभर बादलों में छिपा सूरज कुछ देर के लिए नजर आया। इस अद्भुत नजारे के बीच झंडेजी के जमकर जयकारे लगे।
सुबह आठ बजे से श्री झंडेजी को उतारना शुरू हुआ था। उसके बाद संगतों ने पंचगव्य से इनका स्नान कराना शुरू किया। स्नान शुरू होते ही बारिश शुरू हो गई। बीच-बीच में हो रही बूंदाबांदी के बीच श्री झंडेजी को स्नान कराया जाता रहा। दोपहर करीब 2.30 बजे 10 से 12 मिनट तक सूरज भी नजर आया। इस दौरान सूरज की किरणें श्री झंडेजी पर पड़ी।
आसमान में नजर आया बाज
श्री दरबार साहिब प्रबंधन समिति के व्यवस्थापक कैलाश चंद्र जुयाल ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि श्री झंडेजी के आरोहण के दिन बारिश जरूर होती है। साथ ही सूयदेव भी दर्शन देते हैं। कई दशकों से यह मान्यता सिद्ध साबित होती रही है। इसे श्री झंडेजी की दिव्य शक्ति के रूप में देखा जाता है।
श्री झंडे साहिब के आरोहण में कई चमत्कार देखने को मिले। हर साल की भांति इस वर्ष भी श्री झंडेजी के आरोहण के दौरान बाज ने दर्शन दिए। आरोहण शुरू होने से पहले ही श्री दरबार साहिब के ऊपर आसमान पर बाज परिक्रमा करता नजर आया। यह अद्भुत नजारा देख श्रद्धालु धन्य हुए। मान्यता है कि श्री झंडेजी के आरोहण के समय बाज परिक्रमा करने आता है।