Fake Doctor Case: 19 और फर्जी आयुर्वेद डॉक्टर चिन्हित, इमलाख के ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द कराएगी पुलिस
10 जनवरी को एसटीएफ ने फर्जी डॉक्टरों के गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस वक्त जांच में कुल 36 डॉक्टरों के बारे में पता चला था, जो देहरादून और अन्य शहरों में फर्जी तरीके से प्रैक्टिस कर रहे थे। एसटीएफ ने दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था।
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पुलिस को 19 और फर्जी डॉक्टरों के बारे में पता चला है। इन डॉक्टरों को भी इमलाख के गिरोह ने ही फर्जी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए थे। इनके पंजीकरण के सत्यापन के लिए पुलिस ने भारतीय चिकित्सा परिषद को पत्र लिखा है। ताकि, इन पर जल्द कार्रवाई की जा सके। वहीं, इस मामले में 14 डॉक्टर गिरफ्तार हो चुके हैं।
बता दें कि 10 जनवरी को एसटीएफ ने फर्जी डॉक्टरों के गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस वक्त जांच में कुल 36 डॉक्टरों के बारे में पता चला था, जो देहरादून और अन्य शहरों में फर्जी तरीके से प्रैक्टिस कर रहे थे। एसटीएफ ने दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था। इन्हें फर्जी डिग्री बेचने वाले गिरोह के एक सदस्य को भी पकड़ा गया था। नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज इस मुकदमे की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने भी अब तक 12 फर्जी डॉक्टरों की गिरफ्तारी की है।
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जबकि, एसटीएफ ने डिग्री बेचने वाले गिरोह के मुखिया मुजफ्फरनगर के इमलाख को गिरफ्तार किया था। अब जांच टीम को पता चला है कि इमलाख से डिग्री और विभिन्न कक्षाओं के प्रमाणपत्र लेकर 30 से ज्यादा डॉक्टरों ने अपना पंजीकरण भारतीय चिकित्सा परिषद में कराया है। इनमें से 19 डॉक्टरों के बारे में जानकारी जुटा ली गई है। सीओ नेहरू कॉलोनी अनिल कुमार जोशी ने बताया कि इन डॉक्टरों के पंजीकरण के सत्यापन के लिए परिषद को पत्र लिखा गया है। ताकि, यह पता किया जा सके कि उनके संज्ञान में ये फर्जी डॉक्टर हैं या नहीं। इनके साथ ही कुल फर्जी डॉक्टरों की संख्या 55 पहुंच गई है।
इमलाख के ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द कराएगी पुलिस
लोगों को फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्र बेचने वाला इमलाख बेहद शातिर किस्म का बदमाश है। उसने इस धंधे से करोड़ों रुपये की संपत्ति जोड़ी है। लेकिन, यह सारी संपत्ति एक ट्रस्ट के नाम पर है। उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी।
इसी क्रम में मुजफ्फरनगर प्रशासन ने उसकी 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को कुर्क करने की रिपोर्ट बनाई थी। लेकिन, इमलाख ने इसे ट्रस्ट की संपत्ति बताते हुए हाईकोर्ट से राहत पा ली थी। सीओ जोशी ने बताया कि पहले वाजिब कारण बताते हुए इमलाख के इस ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द कराया जाएगा। इसके बाद उसकी संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा।