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देहरादून प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा: तहसील का बिचौलिया और उसका साथी गिरफ्तार, कई और लोग जांच के दायरे में आए
Mon, 28 Sep 2026 07:52 PM IST
Alka Tyagi
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Mon, 28 Sep 2026 07:52 PM IST
सार
प्रकरण में पुलिस ने रायपुर और क्लेमेंटटाउन थाने में गत 13 सितंबर को प्राथमिकियां दर्ज की थीं। इसके बाद जांच के दौरान एक छात्रा परी के पिता अरविंद और मेरठ के दलाल रूपेश पंडित को गिरफ्तार किया गया था।
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प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में दो गिरफ्तार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में एसआईटी ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक तहसील का बिचौलिया है और दूसरा उसका साथी मोबाइल की दुकान का संचालक शामिल है। तहसील के बिचौलिए ने ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन में अपनी पहुंच से रिपोर्ट लगवाई थी। एसआईटी इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसआईटी अभी कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार कर सकती है।
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एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि इस प्रकरण में पुलिस ने रायपुर और क्लेमेंटटाउन थाने में गत 13 सितंबर को प्राथमिकियां दर्ज की थीं। इसके बाद जांच के दौरान एक छात्रा परी के पिता अरविंद और मेरठ के दलाल रूपेश पंडित को गिरफ्तार किया गया था। इनसे पूछताछ के आधार पर एसआईटी ने मध्य प्रदेश के रहने वाले धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। धीरज धीरज श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया था कि उसने तीनों छात्राओं के प्रमाणपत्र एक व्यक्ति से बनवाए थे जो कि खुद की तहसील में अच्छी सेटिंग बताता है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस जांच करते हुए प्रिंस चौक पर मोबाइल की दुकान चलाने वाले गिरीश सिंह तक पहुंची।
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गिरीश सिंह मूल रूप से गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ का रहने वाला है और यहां पर टपकेश्वर कॉलोनी कैंट में रहता है। उसने पुलिस को बताया कि उससे एक व्यक्ति ने संपर्क किया था कि तीन छात्राओं के मूल निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र बनवाने हैं। इसके लिए उसने द्वारिका स्टोर के पास रहने वाले संजय से संपर्क किया। संजय ही वह बिचौलिया है जो कि खुद की तहसील में सेटिंग बताता है। संजय के माध्यम से ही उसने सभी प्रमाणपत्रों की सत्यापन रिपोर्ट लगवाई थी। दोनों एक दूसरे को बीते 19 वर्षों से जानते हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने इस काम के लिए अच्छी खासी रकम भी ली थी। इनके बैंक खातों की जांच की जा रही है।