टाटा फाइनेंस के नौ अफसरों पर मुकदमा, जमीन को फर्जी तरीके से गिरवी रख लोन देने का आरोप
- टाटा कैपिटल फाइनेंस सर्विसेस ने गिरवी रखी थी पुरकुल स्थित जमीन की रजिस्ट्री
- दंपति को वसूली का नोटिस आया तो हुआ जालसाजी का खुलासा
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मुुंबई के एक दंपति ने पुरकल की जमीन के फर्जी दस्तावेज के आधार पर ऋण देने के आरोप में टाटा कैपिटल फाइनेंस सर्विसेस के सीईओ कुशल राय समेत नौ अफसरों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है। राजपुर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मुंबई निवासी विक्रम ओमप्रकाश दमानी और उनकी पत्नी मीनल विक्रम दमानी के नाम राजपुर के पुरकुल में जमीन है। दमानी दंपति का कहना है कि दिसंबर में सदर तहसील से फोन आया। बताया गया कहा कि टाटा कैपिटल फाइनेंस सर्विसेस का ऋण अदा ना करने की स्थिति में गिरवी रखी गई जमीन को नीलाम किया जाएगा। यह सुनकर उनके पैराें तले की जमीन खिसक गई।
जमीन गिरवी रखकर उन्होंने कोई ऋण नहीं लिया
उन्हाेंने बताया कि टाटा कैपिटल फाइनेंस सर्विसेस को जमीन गिरवी रखकर उन्होंने कोई ऋण नहीं लिया। आरोप लगाया कि लोन एग्रीमेंट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर हैं। साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज के आधार पर यह फर्जीवाड़ा किया गया है। इस मामले में दून के एसएसपी से भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई थी।
कार्रवाई न होने की स्थिति में पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। एसओ राजपुर अशोक राठौड़ ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दंपति की तरफ से फाइनेंस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कुशाल राय, राजीव सब्बरवाल, एफ एन सूबेदार, मुकुंद एस धर्माधिकारी, अनुराधा ई ठाकुर, एमडी माल्या, सुशांत शर्मा, राजीव भदौरिया के खिलाफ दस्तावेजों में हेराफेरी, जालसाजी आदि धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।