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देहरादून: 10 साल इंतजार के बाद 56 परिवारों को मिला आशियाना
Wed, 15 Jan 2020 11:23 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 15 Jan 2020 11:23 PM IST
सार
- नगर निगम में बेसिक सर्विस फॉर अर्बन पुअर फ्लैट योजना में हुई लॉटरी
- ब्रह्मपुरी वार्ड में 29800 रुपये में मिला फ्लैट का स्वामित्व, 15 दिन के भीतर जमा करानी होगी रकम
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
बेसिक सर्विस फॉर अर्बन पुअर (बीएसयूपी) फ्लैट योजना के तहत 10 साल के इंतजार के बाद 56 परिवारों को आखिरकार अपना आशियाना मिल ही गया। बुधवार को इसके लिए डॉ निकाला गया, जिसमें 60 आवेदकों में से 56 का चयन किया गया। इसके बाद एक फ्लैट की कीमत 28900 रुपये तय की गई।
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उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने वर्ष 2014 में मलिन बस्ती के लोगों के लिए ब्रह्मपुरी वार्ड में 150 आवासों का निर्माण कराया था। इनके आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी लेकिन तत्कालीन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने इस पर रोक लगा दी। तब से ये आवास ऐसे ही पड़े थे, जो खंडहर में तब्दील होने लगे थे।
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करीब पांच वर्ष से लटका मामला अब सुलझ तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन फ्लैटों का आवंटन लॉटरी प्रक्रिया के जरिये किया गया। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान वीडियोग्राफी भी की गई।
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नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि एक फ्लैट की कीमत 28900 रुपये रखी गई है। लॉटरी में जिन लोगों का नाम आया है उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। रुपये जमा कराने के बाद उनके नाम इन फ्लैटों का पंजीकरण किया जाएगा।
सीएम के हस्तक्षेप के बाद सुलझा मामला
वर्ष 2014 में मंत्री दिनेश अग्रवाल की रोक के बाद फ्लैटों की हालत बेहद खराब हो रही थी। इससे करोड़ों रुपये बर्बाद होने का भी डर था। मेयर सुनील उनियाल गामा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इनकी मरम्मत करवाकर आवंटन कराने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इनकी मरम्मत कराई गई और अब इनका आवंटन हो सका।