उत्तराखंड: देहरादून के 10 स्कूल आए आयकर के निशाने पर, गली-मोहल्लों के स्कूलों को भी देना होगा हिसाब
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राजधानी के दस निजी स्कूल आयकर विभाग के निशाने पर आ गए हैं। इन स्कूलों में किसी भी वक्त आयकर विभाग की छूट शाखा की ओर से सर्वेक्षण किया जा सकता है। विभाग ने स्कूलों की प्राथमिक जानकारियां जुटा ली हैं। ट्रस्ट या सोसाइटी के नाम पर चलने वाले इन स्कूलों में मोटा पैसा इधर से उधर किया जा रहा है।
बीते दिनों आयकर विभाग की टीमों ने दून इंटरनेशनल स्कूल में सर्वेक्षण किया था। इसकी जांच पड़ताल की प्रक्रिया गतिमान है। इस बीच आयकर विभाग ने राजधानी के दस और स्कूलों की सूची तैयार कर ली है। इनकी प्राथमिक जानकारी भी जुटा ली गई है।
सूत्रों के मुताबिक आगामी दो सप्ताह के भीतर आयकर विभाग की टीमें इन स्कूलों में अलग-अलग सर्वेक्षण करेंगे। स्कूलों की सोसाइटी के नाम जितनी भी संपत्ति है, उसकी जांच के साथ ही खर्च का पूरा हिसाब लिया जाएगा।
गली-मोहल्लों के स्कूलों को भी देना होगा हिसाब
यह भी देखा जाएगा कि क्या सोसाइटी अपने मूल उद्देश्य के हिसाब से नो प्रॉफिट-नो लॉस में काम कर रही हैं। एक आयकर अधिकारी ने बताया कि देहरादून के कई स्कूल पूरी तरह से नियमों को दरकिनार कर आयकर अधिनियम के तहत विशेष छूट का लाभ उठा रहे हैं। अभी तक यह स्कूल आयकर विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे थे लेकिन अब इन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
गली-मोहल्लों के स्कूलों को भी देना होगा हिसाब
न केवल शहर के नामी स्कूल बल्कि गली मोहल्लों के स्कूलों को भी आयकर विभाग को हिसाब देना होगा। इसके लिए आयकर छूट शाखा की देहरादून इकाई ने काम शुरू कर दिया है। जल्द ही कुछ स्कूलों को नोटिस भी भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि छोटे स्कूलों में भी सोसाइटी के मूल उद्देश्य से इतर काम किया जा रहा है।