{"_id":"5a864ba34f1c1b9f268ba505","slug":"decision-on-uttarakhand-assembly-election-evm-tampering","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: EVM से छेड़छाड़ के मामले में अगली सुनवाई सात मार्च को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: EVM से छेड़छाड़ के मामले में अगली सुनवाई सात मार्च को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Updated Fri, 16 Feb 2018 08:40 AM IST
विज्ञापन
न्यायालय में विपक्ष ने आपत्ति फाइल करने का समय मांगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में ईवीएम में हुई गड़बड़ी के मामले में सुनवाई के लिए सात मार्च की तिथि नियत की है। न्यायालय में विपक्ष ने आपत्ति फाइल करने का समय मांगा है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस के चुनाव हार गये सात प्रत्याशियों ने ईवीएम के प्रयोग के मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
विज्ञापन
विधानसभा राजपुर रोड से राजकुमार, रायपुर से प्रभुलाल बहुगुणा, मसूरी से गोदावरी थापली, बीएचईएल रानीपुर से अमरीश कुमार, हरिद्वार ग्रामीण से चरण सिंह, प्रतापनगर टिहरी से विक्रम सिंह नेगी व काशीपुर से राजीव अग्रवाल ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कहा था कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में चुनावों के दौरान ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ की गयी है। याचिकाकर्ताओं ने संबंधित सीटों के चुनाव निरस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
सत्ताधारी भाजपा के संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को जवाब दाखिल करने को कहा गया। इनकी ओर से निर्धारित समय में जवाब दाखिल नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि विपक्ष की ओर से मामले में विलंब किया जा रहा है। यह भी कहा गया कि इस पत्र के विचाराधीन रहते हुए जवाब दाखिल किया गया है।
विपक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र को निराधार बताते हुए उसे खारिज करने की मांग की गयी थी। पक्षों की सुनवाई के बाद पीठ ने अगली सुनवाई के लिए सात मार्च की तिथि नियत की है। न्यायालय ने विपक्ष से अपनी आपत्ति पेश करने को भी कहा है ।