फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dangerous lakes in himalayan range of uttarakhand.

हिमालय में हो रही इस 'हलचल' से उत्तराखंड को खतरा

Wed, 09 Sep 2015 08:52 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 09 Sep 2015 08:52 AM IST
विज्ञापन
dangerous lakes in himalayan range of uttarakhand.

ग्लोबल वार्मिंग के कारण खिसक रहे ग्लेशियरों की वजह से उत्तराखंड की मध्य हिमालयी रेंज में झीलें बनने का क्रम तेज हो गया है जो खतरे का सबब बन सकता है।

विज्ञापन


आपदा के बाद पहाड़ों पर बनने वाली झीलों पर नजर रखी जा रही है। झीलों का डाटा बेस तैयार किया जा रहा है जिससे इनकी कायदे से मॉनीटरिंग हो सके।

मध्य हिमालयी क्षेत्र उत्तराखंड में अभी तक ग्लेशियरों के आसपास और दूसरे स्थानों पर झीलें चिन्हित की गई हैं। अलकनंदा क्षेत्र में सबसे ज्यादा चार सौ ग्लेशियर हैं। ये पांच से 10 मीटर पीछे खिसके हैं।
विज्ञापन


वाडिया भूगर्भ संस्थान ग्लेशियरों के खिसकने की वजह से बनने वाली झीलों पर काम कर रहा है। सेटेलाइट इमेजरी के माध्यम से अभी तक 1265 झीलें चिन्हित की गईं। इसके बाद इनका भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन झीलों के टूटने पर हो सकता है बड़ा नुकसान

dangerous lakes in himalayan range of uttarakhand.

झीलों का डेटाबेस तैयार करने का उद्देश्य इनकी मॉनीटरिंग है, जिससे इनके टूटने पर जान-माल को होने वाले नुकसान को बचाया जा सके। इसके साथ ही लोगों को पहले से इस संबंध में सचेत किया जा सके।

समुद्र तल से तीन हजार मीटर ऊंचाई पर झीलों को चिन्हित जा रहा है। उत्तराखंड में 968 ग्लेशियर हैं। संस्थान के ग्लेशियर विशेषज्ञ डॉ. डीपी डोभाल का कहना है कि ग्लेशियर के पीछे खिसकने पर मलबा रह जाता है।

दूसरे ग्लेशियर से रिस कर आने वाला पानी यहां इकट्ठा हो सकता है। इसके अलावा बर्फ गलने से भी गड्ढे होते हैं जिनमें पानी भर जाता है। ये भी झील की शक्ल अख्तियार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी झीलों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।

मलबा रुकने से बनने वाली मोरैन (हीमोल) झील - 336
ग्लेशियर के ऊपर बनने वाली आइस झील - 800
ग्लेशियर की कटान से बनने वाली सर्क झील - 120

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed