देहरादून: सीटीआर प्रकरण...सीबीआई जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं देगी सरकार
सीटीआर और कालागढ़ वन प्रभाग में करीब छह हजार पेड़ों के अवैध कटान व अवैध निर्माण से जुड़े मामले में तत्कालीन वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत सहित राज्य के अन्य शीर्ष अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) प्रकरण में नैनीताल उच्च न्यायालय के सीबीआई जांच के आदेश को प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं देगी। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा कि सरकार का सुप्रीम कोर्ट जाने का कोई इरादा नहीं है। यानी प्रदेश सरकार भी चाहती है कि मामले में सीबीआई जांच हो।
उनियाल प्रदेश पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे सीटीआर प्रकरण में सीबीआई जांच के कोर्ट आदेश के बारे में प्रश्न पूछा था। उनियाल ने कहा, सरकार मामले सुप्रीम कोर्ट नहीं जा रही है। बता दें कि सीटीआर और कालागढ़ वन प्रभाग में करीब छह हजार पेड़ों के अवैध कटान व अवैध निर्माण से जुड़े मामले में तत्कालीन वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत सहित राज्य के अन्य शीर्ष अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
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कोर्ट ने राज्य की अन्य जांच एजेंसियों से सीबीआई जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा था। देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अनु पंत ने वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उससे पूर्व कोर्ट ने भी मीडिया खबरों के आधार पर मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। राज्य की विजिलेंस टीम भी इस प्रकरण में जांच कर रही है।