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हाई टेंशन लाइन से निकली चिंगारी और खाक हो गई 29 एकड़ में लगी फसल, मच गया हाहाकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शक्तिफार्म
Updated Thu, 19 Apr 2018 06:00 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गेहूं के खेत के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन से निकली चिंगारी से 17 किसानों की करीब 29 एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
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इसके अलावा छह लोगों की आवासीय झोपड़ियों समेत नौ लोगों की गोशाला एवं रसोईघर भी आग की भेंट चढ़ गए। झोपड़ियों में लगी आग बुझा रहे ग्रामीणों में से 10 वर्ष की बालिका आंशिक रूप से झुलस गई।
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वहीं सूचना देने के करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल कर्मचारी मौके पर पहुंच पाए। एसडीएम और तहसीलदार ने मौका मुआयना कर राजस्व टीम को क्षति का आकलन करने एवं पीड़ितों को शीघ्र अहेतुक राशि मुहैया कराने के निर्देश दिए।
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खेत के ऊपर से गुजर रही है 11 केवी की विद्युत लाइन
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गोविंदनगर गांव निवासी कन्हाई दास के खेत के ऊपर से 11 केवी की विद्युत लाइन गुजर रही है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 20 दिन पूर्व यह तार टूट कर गिर गया था। उस दौरान गेहूं की फसल कच्ची होने के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ था। विद्युत विभाग ने इस तार को जोड़कर लाइन सुचारु कर दी।
विद्युत लाइन के ढीला होने के कारण बुधवार को हवा चलने से तार आपस में उलझ गए और चिंगारियां निकलने लगीं। दोपहर करीब 12:30 बजे तारों से निकली चिंगारी से फसल में आग लग गई, जो देखते ही देखते अन्य खेतों तक फैल गई। इसके अलावा मजदूर कमलेश राय की दो झोपड़ियां, उसमें रखी पांच हजार की नकदी समेत सारा सामान जल गया।
वहीं, संचित राय की गोशाला, घर एवं 15 हजार की नकदी, निताई गोलदार की आवासीय झोपड़ी, बाबूराम की आवासीय झोपड़ी, संतोष राय की झोपड़ी व गोशाला, हरिपद घोष की रसोई एवं गोशाला, कृष्णपद ढाली की गोशाला भी आग की भेंट चढ़ गई। साथ ही खगेंद्र दास के खेतों में लगे पॉपुलर के 80 पेड़ एवं अमेला प्रमाणिक के आधा एकड़ में लगे पॉपुलर के पेड़ भी झुलस गए हैं।
विद्युत लाइन के ढीला होने के कारण बुधवार को हवा चलने से तार आपस में उलझ गए और चिंगारियां निकलने लगीं। दोपहर करीब 12:30 बजे तारों से निकली चिंगारी से फसल में आग लग गई, जो देखते ही देखते अन्य खेतों तक फैल गई। इसके अलावा मजदूर कमलेश राय की दो झोपड़ियां, उसमें रखी पांच हजार की नकदी समेत सारा सामान जल गया।
वहीं, संचित राय की गोशाला, घर एवं 15 हजार की नकदी, निताई गोलदार की आवासीय झोपड़ी, बाबूराम की आवासीय झोपड़ी, संतोष राय की झोपड़ी व गोशाला, हरिपद घोष की रसोई एवं गोशाला, कृष्णपद ढाली की गोशाला भी आग की भेंट चढ़ गई। साथ ही खगेंद्र दास के खेतों में लगे पॉपुलर के 80 पेड़ एवं अमेला प्रमाणिक के आधा एकड़ में लगे पॉपुलर के पेड़ भी झुलस गए हैं।
शीघ्र ही पीड़ितों को सहायता राशि मुहैया कराने के निर्देश
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सूचना पर एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार वसी खां ने कानूनगो राम सिंह और हल्का पटवारी जगदीश सिंह फर्त्याल ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। उन्होंने राजस्व कर्मियों को क्षति का आकलन कर शीघ्र ही पीड़ितों को अहेतुक सहायता राशि मुहैया कराने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सदस्य तारक मंडल ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ, जिससे करीब आधा दर्जन लोग बेघर हुए हैं और 17 काश्तकारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इधर, विधायक सौरभ बहुगुणा ने अग्निकांड पर दुख जताया है। प्रशासनिक अहेतुक सहायता राशि मिलने के अलावा पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके लिए वह जल्द ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलेंगे।
बकरी चराने गए संतोष को पता ही नहीं चला कि घर जल गया
गेहूं में लगी आग की विकराल लपटों की चपेट में आकर संतोष राय की झोपड़ी जलकर राख हो गई। हादसे के समय वह जंगल में बकरियां चराने गया था। इसी तरह बाबूराम भी झोपड़ी में अकेला रहकर गुजर बसर करता है। वह रोजाना सुबह मजदूरी करने चोरगलिया जाता है। आग से झोपड़ी के तबाह होने की खबर उसे पड़ोसियों ने फोन पर दी। बुजुर्ग विधवा राधारानी आधा एकड़ जमीन में फसल एवं विधवा पेंशन के सहारे जीवन यापन करती हैं।
फसल जलने की सूचना पाकर दामाद के घर रुद्रपुर से लौटी राधारानी हताश है। कमलेश राय गांव में ही दूसरे के खेत में मजदूरी करने गया था। उसकी पत्नी मीना अपने दो मासूम बच्चों के साथ घर पर थी, तभी आग की चपेट में उसकी भी झोपड़ी आ गई। दंपति और उनके बच्चों के तन पर कपड़ों के सिवा कुछ नहीं बचा है। दिलीप की पत्नी अंजना अपनी 10 वर्ष की बेटी गीता के साथ घर पर थी। आग से उसकी रसोईघर और गोशाला जलकर नष्ट हो गई। इसके अलावा जिनकी फसलें आग की भेंट चढ़ी हैं, अब उनके सामने बैंक और साहूकारों का ऋण चुकाने एवं परिवार के भरण पोषण का सवाल खड़ा है।
जिला पंचायत सदस्य तारक मंडल ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ, जिससे करीब आधा दर्जन लोग बेघर हुए हैं और 17 काश्तकारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इधर, विधायक सौरभ बहुगुणा ने अग्निकांड पर दुख जताया है। प्रशासनिक अहेतुक सहायता राशि मिलने के अलावा पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके लिए वह जल्द ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलेंगे।
बकरी चराने गए संतोष को पता ही नहीं चला कि घर जल गया
गेहूं में लगी आग की विकराल लपटों की चपेट में आकर संतोष राय की झोपड़ी जलकर राख हो गई। हादसे के समय वह जंगल में बकरियां चराने गया था। इसी तरह बाबूराम भी झोपड़ी में अकेला रहकर गुजर बसर करता है। वह रोजाना सुबह मजदूरी करने चोरगलिया जाता है। आग से झोपड़ी के तबाह होने की खबर उसे पड़ोसियों ने फोन पर दी। बुजुर्ग विधवा राधारानी आधा एकड़ जमीन में फसल एवं विधवा पेंशन के सहारे जीवन यापन करती हैं।
फसल जलने की सूचना पाकर दामाद के घर रुद्रपुर से लौटी राधारानी हताश है। कमलेश राय गांव में ही दूसरे के खेत में मजदूरी करने गया था। उसकी पत्नी मीना अपने दो मासूम बच्चों के साथ घर पर थी, तभी आग की चपेट में उसकी भी झोपड़ी आ गई। दंपति और उनके बच्चों के तन पर कपड़ों के सिवा कुछ नहीं बचा है। दिलीप की पत्नी अंजना अपनी 10 वर्ष की बेटी गीता के साथ घर पर थी। आग से उसकी रसोईघर और गोशाला जलकर नष्ट हो गई। इसके अलावा जिनकी फसलें आग की भेंट चढ़ी हैं, अब उनके सामने बैंक और साहूकारों का ऋण चुकाने एवं परिवार के भरण पोषण का सवाल खड़ा है।
दमकल डेढ़ घंटे में तय कर सका 18 किमी की दूरी
फायर ब्रिगेड
- फोटो : Bureau
दोपहर करीब 12:30 बजे फसल में आग लगने के कुछ समय बाद ही ग्रामीणों ने सितारगंज अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दे दी थी। सितारगंज से 18 किमी का सफर तय करने में दमकल वाहन को करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया। ग्रामीणों का कहना था कि दमकल विभाग ने तत्परता दिखाई होती तो कुछ परिवारों को बेघर होने से बचाया जा सकता था।
इधर, अग्निशमन अधिकारी सुरेश चंद्र ने बताया कि उन्हें आग लगने की सूचना करीब एक बजे मिली। सिडकुल और सितारगंज कस्बे से दो दमकल वाहन लेकर पहुंचने से पूर्व ही ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था।
आग से यह लोग हुए प्रभावित
1. संजय दास पुत्र सुरेंद्र दास - आधा एकड़
2. सुबल दास पुत्र सुरेंद्र दास - एक एकड़
3. कन्हाई दास पुत्र सुरेंद्र दास - एक एकड़
4. खगेन दास पुत्र ठाकुर दास - डेढ़ एकड़
5. कृष्ण्पद ढाली पुत्र लक्खीकांत ढाली - ढाई एकड़
6. हरिपद घोष पुत्र रविंद्रनाथ घोष - ढाई एकड़
7. विमल बाइन पुत्र हरिपद बाइन - ढाई एकड़
8. मंगल बाइन पुत्र निर्मल बाइन - ढाई एकड़
9. सुशांत विश्वास पुत्र रतन विश्वास - पांच एकड़
10. निखिल सरकार पुत्र विरेश्वर - एक एकड़
11. सुबोध सरकार पुत्र विरेश्वर - पौन एकड़
12. पानू सरकार पुत्र विरेश्वर - एक एकड़
13. निताई गोलदार पुत्र कालीपद - आधा एकड़
14. राधारानी सरकार पत्नी कोपिन - आधा एकड़
15. खोखन ढाली पुत्र राधाकांत - एक एकड़
16. जोगानंद मंडल पुत्र जोगेश्वर - पांच एकड़
17. अमेला प्रमाणिक पुत्र नागेंद्र - एक एकड़