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पति को अवैध संबंध का पता चला तो पत्नी ने भाई और प्रेमी संग मिलकर खेला खूनी 'खेल'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Mon, 07 May 2018 07:23 PM IST
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हत्याकांड के पीछे पत्नी के अपने प्रेमी संग अवैध संबंध
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कोटद्वार कोतवाली पुलिस और क्राइम इंवेस्टीगेशन यूनिट (सीआईयू) टीम ने पेंटर भगवत सिंह की हत्या के मामले में उसकी पत्नी और प्रेमी समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर पौड़ी जेल भेज दिया है। पुलिस ने हत्याकांड के पीछे पत्नी के अपने प्रेमी संग अवैध संबंध बताए।
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अवैध संबंध उजागर होने पर पत्नी ने अपने भाई और प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या करा दी। हत्याकांड का मास्टर माइंड मृतक का साला शव की शिनाख्त होने के दिन से ही घर से फरार है। पुलिस ने बताया कि पेंटर की हत्या 21 अप्रैल को दिन में कोटद्वार बुलाकर की और शव गदेरे में ही फेंककर चले गए। शव के गले में पड़ी रस्सी मामले के खुलासे में मददगार बनी।
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सोमवार को पेंटर भगवत सिंह हत्याकांड का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक डा. हरीश वर्मा ने बताया कि अवैध संबंधों के चलते हत्या को अंजाम दिया गया था। बताया कि यूपी के नगीना के कोटरा गांव निवासी भगवत सिंह उम्र 40 पुत्र बुद्ध सिंह घरों में रंगाई-पुताई का काम करता था।
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शाहबुद्दीन के साथ सुनीता के अवैध संबंध बन गए
उनकी वर्ष 2000 में लव मैरिज हुई थी। इस विवाह को लेकर दोनों के परिजन नाखुश थे, इसलिए वह दुगड्डा ब्लाक के बागी छोटी गांव में एहसान नगर में परिवार समेत रहने लगा। यहां उनकी मुलाकात बिहार के किशनगंज निवासी शाहबुद्दीन उर्फ रूद्र पुत्र अब्दुल मजीद से हुई। शाहबुद्दीन उर्फ रुद्र भी रंगाई-पुताई का काम करता है।
इन दिनों वह कोटद्वार के लकड़ी पड़ाव मोहल्ले में किराए पर रह रहा था। उसके भगवत की पत्नी सुनीता के साथ अवैध संबंध बन गए। जिसका उजागर होने पर भगवत शराब पीकर उसके साथ मारपीट करने लगा था। आए दिन के लड़ाई झगड़े को देखते हुए सुनीता ने अपने भाई सतपाल सिंह और प्रेमी शाहबुद्दीन संग मिलकर भगवत की हत्या की योजना बना डाली।
21 अप्रैल को सुनीता के भाई सतपाल ने जीजा भगवत को फोनकर कोटद्वार बुला दिया। सिद्धबली मंदिर के पास से होते हुए वे ईदगाह गदेरे के जंगल पहुंच गए। यहां सतपाल ने जीजा संग शराब पी।
इन दिनों वह कोटद्वार के लकड़ी पड़ाव मोहल्ले में किराए पर रह रहा था। उसके भगवत की पत्नी सुनीता के साथ अवैध संबंध बन गए। जिसका उजागर होने पर भगवत शराब पीकर उसके साथ मारपीट करने लगा था। आए दिन के लड़ाई झगड़े को देखते हुए सुनीता ने अपने भाई सतपाल सिंह और प्रेमी शाहबुद्दीन संग मिलकर भगवत की हत्या की योजना बना डाली।
21 अप्रैल को सुनीता के भाई सतपाल ने जीजा भगवत को फोनकर कोटद्वार बुला दिया। सिद्धबली मंदिर के पास से होते हुए वे ईदगाह गदेरे के जंगल पहुंच गए। यहां सतपाल ने जीजा संग शराब पी।
पांच मई को परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा कायम किया
योजना के अनुसार सतपाल ने शाहबुद्दीन उर्फ रुद्र और अन्य चार लोगों संग मिलकर उसके गले में रस्सी का फंदा डालकर मौत के घाट सुला दिया। बताया कि 3 मई को स्थानीय लोगों की सूचना पर शव को गदेरे से बरामद कर पंचनामा और पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया, अगले दिन उनके परिजनों ने भगवत की शिनाख्त कर ली। एसएसपी पौड़ी जगतराम जोशी ने इस मामले के खुलासे के लिए कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल और सीआईयू प्रभारी मनोज रतूड़ी की अगुवाई में दो टीमें बनाई। पांच मई को परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा कायम किया गया।
छह मई की शाम को हत्यारोपी पत्नी सुनीता देवी, उसका प्रेमी शाहबुद्दीन उर्फ रुद्र, जमील उर्फ छोटतू, जाकिर आलम पुत्र समीरूद्दीन, मो. आसिफ पुत्र आबिद और मो. एहसान पुत्र नसीम अहमद हाल निवासी लकड़ीपड़ाव को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में उन्होंने हत्या की कहानी बयां कर डाली। पुलिस टीम को मामले का जल्द खुलासा करने पर ढाई हजार रुपये के इनाम से पुरस्कृत किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में इस मौके पर सीओ जेआर जोशी, कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल, सीआईयू प्रभारी मनोज रतूड़ी मौजूद थे।
पेंटर भगवत सिंह 21 अप्रैल से ही अपने घर से लापता चल रहा था। उसके परिजन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए कोटद्वार से लेकर पहाड़ तक भटकते रहे। न पुलिस और न राजस्व पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज की। 3 मई को जब उसका शव ईदगाह के गदेरे में बरामद हुआ तो अगले दिन ही उसके परिजनों और ग्रामीणों ने शव को पहचान लिया। परिजन और ग्रामीण शव की शिनाख्त के बाद ही उसकी पत्नी सुनीता और साले सतपाल के खिलाफ लिखित हत्या की तहरीर दे रहे थे, लेकिन तब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मुकदमा दर्ज करने की बात कही। एसएसपी पौड़ी के संज्ञान में मामला आने के बाद हरकत में आई कोटद्वार पुलिस और सीआईयू ने जब अपना सर्विलांस सिस्टम खंगाला तो कहानी सामने आ गई। मृतक की दो बेटी और एक बेटा है। उन्होंने भी घर में मां और पिता के बीच आए दिन झगड़ा होने की बात पुलिस को बताई है।
छह मई की शाम को हत्यारोपी पत्नी सुनीता देवी, उसका प्रेमी शाहबुद्दीन उर्फ रुद्र, जमील उर्फ छोटतू, जाकिर आलम पुत्र समीरूद्दीन, मो. आसिफ पुत्र आबिद और मो. एहसान पुत्र नसीम अहमद हाल निवासी लकड़ीपड़ाव को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में उन्होंने हत्या की कहानी बयां कर डाली। पुलिस टीम को मामले का जल्द खुलासा करने पर ढाई हजार रुपये के इनाम से पुरस्कृत किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में इस मौके पर सीओ जेआर जोशी, कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल, सीआईयू प्रभारी मनोज रतूड़ी मौजूद थे।
पेंटर भगवत सिंह 21 अप्रैल से ही अपने घर से लापता चल रहा था। उसके परिजन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए कोटद्वार से लेकर पहाड़ तक भटकते रहे। न पुलिस और न राजस्व पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज की। 3 मई को जब उसका शव ईदगाह के गदेरे में बरामद हुआ तो अगले दिन ही उसके परिजनों और ग्रामीणों ने शव को पहचान लिया। परिजन और ग्रामीण शव की शिनाख्त के बाद ही उसकी पत्नी सुनीता और साले सतपाल के खिलाफ लिखित हत्या की तहरीर दे रहे थे, लेकिन तब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मुकदमा दर्ज करने की बात कही। एसएसपी पौड़ी के संज्ञान में मामला आने के बाद हरकत में आई कोटद्वार पुलिस और सीआईयू ने जब अपना सर्विलांस सिस्टम खंगाला तो कहानी सामने आ गई। मृतक की दो बेटी और एक बेटा है। उन्होंने भी घर में मां और पिता के बीच आए दिन झगड़ा होने की बात पुलिस को बताई है।
हत्या के लिए पत्नी ने भाई और प्रेमी को दिए थे 10 हजार रुपये
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पूछताछ में मृतक की पत्नी सुनीता ने सब कुछ उगल दिया। बताया कि उसने पति की हत्या के लिए अपने भाई सतपाल और प्रेमी शाहबुद्दीन उर्फ रुद्र को दस हजार रुपये नगद दिए थे। प्रेमी ने हत्या के अंजाम देने के लिए ठेकेदार एहसान से संपर्क साधा।
एहसान ने दो-दो हजार रुपये का लालच देकर मेहनत मजदूरी करने वाले तीन अन्य लोगों जमील, जाकिर आलम, मो. आसिफ को अपने साथ लिया और ईदगाह गदेरे में बताए हुई जगह पहुंच गए। हत्यारोपी शाहबुद्दीन उर्फ रुद्र ने बताया कि जैसे ही भगवत सिद्धबली मंदिर के पास पहुंचा।
छह लोगों को देखकर वह थोड़ा सकपका गया। लेकिन उसके साले सतपाल ने बात को संभालते हुए पास के जंगल में पार्टी करने की बात कही। हत्यारोपी अपने साथ एक पालीथिन में शराब, खाने का सामान, सिगरेट और नाइलोन की रस्सी भी लाए थे।
एहसान ने दो-दो हजार रुपये का लालच देकर मेहनत मजदूरी करने वाले तीन अन्य लोगों जमील, जाकिर आलम, मो. आसिफ को अपने साथ लिया और ईदगाह गदेरे में बताए हुई जगह पहुंच गए। हत्यारोपी शाहबुद्दीन उर्फ रुद्र ने बताया कि जैसे ही भगवत सिद्धबली मंदिर के पास पहुंचा।
छह लोगों को देखकर वह थोड़ा सकपका गया। लेकिन उसके साले सतपाल ने बात को संभालते हुए पास के जंगल में पार्टी करने की बात कही। हत्यारोपी अपने साथ एक पालीथिन में शराब, खाने का सामान, सिगरेट और नाइलोन की रस्सी भी लाए थे।