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अवैध संबंध की क्रूर दास्तां: प्यार में अंधी पत्नी ने पति पर करवाए 60 वार 

Mon, 06 Mar 2017 12:49 PM IST
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 06 Mar 2017 12:49 PM IST
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wife killed his husband and father in law with lover
murder - फोटो : amar ujala

देहरादून में हुए डबल मर्डर से प्यार में अंधी एक पत्नी की क्रूरता की हद सामने आई है। सच्चाई भी ऐसी जो हर सुनने वाले का दिल दहला दे। शनिवार को हुए डबल मर्डर में कातिलों ने व्यापारी राजेश राणा का गला रेतने के साथ सब्जी काटने वाले चाकू से 60 बार हमला किया, जबकि 30 से अधिक निशान राणा के पिता प्रेम सिंह के शरीर पर मिले हैं।

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डबल मर्डर को अंजाम देने वाले कातिलों ने जिस बर्बरता से कत्ल को अंजाम दिया है उससे साफ है कि वे बाप और बेटे से किस कदर की नफरत पाले हुए थे। पोस्टमार्टम में मौत का कारण गला रेतने के साथ दोनों के शरीर पर गहरे घावों को माना है। पुलिस ने पंचनामे में शवों पर चोटों के निशान गिनने शुरू किए तो वह भी सकते में आ गई, क्योंकि राजेश का पूरा शरीर चाकुओं से गुदा था।
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डोईवाला इंस्पेक्टर राजेश शाह का कहना था कि दीपिका का प्रेमी योगेश अरोड़ा उसके पति से बेहद नफरत करता था। यही वजह थी कि प्रेमिका की प्रताड़ना सुनकर उसने कई दिन पहले ही उसकी हत्या का इरादा दीपिका के सामने जाहिर कर दिया था। जैसे ही मौका मिला तो योगेश ने राजेश के शरीर को चाकुओं से गोदकर अपनी नफरत निकालने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। यह बात अलग है कि हमले में प्रयुक्त चाकू तेज धार वाले नहीं थे।
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मारे गए राजेश और दीपिका राणा ने 2007 में प्रेम विवाह किया था। दोनों ने जातीय बंधनों को तोड़कर साथ जीने और मरने की कसम खाई थी। शादी के कुछ सालों बाद ही उनके बीच शुरू हुई अनबन इतनी नफरत में बदली कि दीपिका पति और ससुर की जिंदगी छीनने से नहीं हिचकी। पुलिस ने आरोपी योगेश अरोड़ा की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हुए तीन चाकू लाडपुर के जंगल से बरामद कर लिए है। यहां से राजेश का पर्स आदि सामान भी मिल गया है। मोबाइल आदि सामान भी मियांवाला से बरामद करा दिया है।  

पत्नी पर वारदात को अंजाम देने का कोई पछतावा नहीं

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murder - फोटो : amar ujala

पति और ससुर की कत्ल में पकड़ी गई दीपिका राणा के चेहरे पर वारदात को अंजाम देने का कोई पछतावा नहीं दिखा। मीडिया से बेबाकी से बात करते हुए दीपिका का कहना था कि कत्ल का यह फैसला मजबूरी में लेना पड़ा है। वही जानती है कि उसके साथ कैसे बर्ताव होता था। वह तो काफी समय से तलाक लेना चाहती थी, लेकिन राजेश इसके लिए तैयार नहीं था। जब कोई रास्ता नहीं बचा तो यह कदम उठाना पड़ा।  

योगेश का झुलसा चेहरा और हाथ
कार में पेट्रोल डालकर शवों को जलाते समय योगेश अरोड़ा का चेहरा और हाथ भी झुलस गया। यही नहीं उसकी पेंट और शर्ट भी जल गई थी। यही वजह थी हड़बड़ाहट में वह शवों को उसी स्थिति में छोड़कर आ गया था। रास्ते में वह जले कपड़े फेंककर वह अर्द्धनग्न स्थिति में ऑटो में बैठकर दून आया था।

प्रेमिका को बचाता रहा प्रेमी
पुलिस हिरासत में प्रेमी योगेश अरोड़ा ने हत्या की पूरी कहानी बताई। वह किस तरह घर में आए और किस तरह शव को जलाने का प्रयास किया। अलबत्ता वह अपनी महबूबा दीपिका राणा को बचाता रहा। योगेश का कहना था कि कत्ल के समय वह तो बेटे के साथ कमरे में सोई थी। खुद उसने ही घटनास्थल पर बिखरे खून को साफ किया था। जबकि पूछताछ में दीपिका ने योगेश के साथ कमरों की पूरी सफाई की बात कही थी। 

रेस्टोरेंट को दिए ढाई लाख 
प्रेमिका दीपिका राणा अपने प्रेमी की आर्थिक रुप से मदद भी करती थी। गांधी रोड पर प्रेमी योगेश के रेस्टोरेंट को खुलवाने के लिए ढाई लाख रुपये की मदद की थी। यह रकम पति से छुपाकर दी गई थी। एकता विहार में निर्माणाधीन मकान के लिए राजेश ने पत्नी से रकम मांगी थी, तब जाकर दीपिका ने बताया था कि रकम  रेस्टोरेंट में लगा रखी है।  

कातिल ने सुबह साढ़े पांच बजे फोन पर दी जानकारी 

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murder - फोटो : amar ujala

समय : सुबह साढ़े पांच बजे। फोन की घंटी बजी। जैसे ही फोन उठाया, दूसरी तरफ से आवाज आई, हेलो! काम हो गया। इतना कहते ही दूसरी तरफ से फोन कट गया। महज 15 सेकेंड की इस फोन कॉल ने ही डबल मर्डर की मिस्ट्री को खोलकर रख दिया। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल निकाली तो सारा सच सामने आ गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक रायपुर के तपोवन एन्क्लेव निवासी प्रेम सिंह राणा और उसके बेटे राजेश राणा की हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस की एक टीम को सर्विलांस के जरिए तार जोड़ने को लगाया गया था। कई घंटे की माथापच्ची के बाद पुलिस कड़ियां जोड़ने में कामयाब रही।

रोजमर्रा की बात छोड़ दें तो घटना वाली रात साढ़े ग्यारह बजे के करीब योगेश ने दीपिका को पहला फोन किया था। दूसरी कॉल साढ़े बारह बजे के करीब की है। एक बजे के करीब योगेश के अंदर आने की बात सामने आ रही है। कत्ल की दोनों वारदातों को अंजाम देने के बाद शवों कार में डालकर कुआंवाला ले जाया गया। सुबह पांच बजकर तीस मिनट पंद्रह सेकेंड की आखिरी काल में काम होने की बात कही गई।

सराहनीय रहा पुलिस समन्वय

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murder - फोटो : amar ujala

डबल मर्डर के खुलासे में पुलिस का समन्वय कारगर रहा। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद एसपी क्राइम तृप्ति भट्ट, एसपी सिटी अजय सिंह, एसपी देहात श्वेता चौबे, एएसपी लोकेश्वर सिंह, एसओजी प्रभारी अशोक राठौड, इंस्पेक्टर डोईवाला राजेश शाह, एसओ रायपुर प्रदीप राणा के अलावा पुलिस टीम का अहम योगदान रहा है। एसएसपी और डीआईजी ने पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है।

सकते में थे इलाके के लोग
बाप-बेटे के कत्ल से तपोवन एन्क्लेव के लोग सकते में थे। उनका कहना था कि बाप-बेटे तो बेहद व्यवहारिक थे। पिता तो घर से कम ही निकलते थे, जबकि राजेश घर में ही किराना की दुकान करता था। हालांकि दीपिका के रिश्तों को लेकर लोग खूब खाना-फूंसी करते नजर आए।

बयानों में फंस गए दीपिका-योगेश
पुलिस पूछताछ में दीपिका और योगेश अपने बयानों में फंस गए। दीपिका तो पति और ससुर के बुलंदशहर जाने की बात क ह रही थी, लेकिन योगेश अरोड़ा ने सहारनपुर जाने की बात कहकर पुलिस को चौका दिया। इसी बीच योगेश ने दीपिका से सवाल कर दिया कि तुम तो सहारनपुर की बात कह रही थी।

मां ने पुलिस को गुमराह करने के लिए मासूम को बनाया मोहरा

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murder - फोटो : amar ujala

डबल मर्डर केस की मास्टर माइंड दीपिका राणा ने हत्याकांड की इस साजिश में अपने आठ साल के मासूम बेटे को भी मोहरा बना दिया। शातिर दीपिका ने अपने बेटे को ऐसा पाठ पढ़ाया था कि पुलिस चाकलेट और कुरकुरे का लालच देकर भी उससे कुछ उगलवा नहीं सकी। बेटा पुलिस के सामने उतना ही बोला, जितना उसकी मां ने सिखाया था।

पुलिस की कहानी उस दोराहे पर आकर अटक गई कि दोनों कार से जिंदा गए थे। ऐसे में पुलिस की घर पर कत्ल करने वाली थ्योरी फेल साबित होती नजर आई। पर पुलिस अपनी इसी थ्योरी पर डटी रही और अंत में पूछताछ में दीपिका का मुंह खुलते ही इस पर मुहर भी लग गई।

कुआंवाला में सेंट्रो कार से राजेश राणा और प्रेम सिंह राणा का शव बरामद होते ही पुलिस की विवेचना राणा हाउस पर आकर टिक गई थी। क्योंकि शवों को घर के कंबल और चादर में बांधा गया था, इसके अलावा दोनों घर के कपड़ों में थे। हालांकि घर में ऐसा कुछ असामान्य नहीं मिला, जिससे प्रतीत होता कि दोनों कत्ल यहीं पर हुए हैं। फिर भी पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन कराने कोएफएसएल टीम को बुलाया था।

पति और ससुर के मर्डर में दीपिका राणा तो शक के दायरे में थी। घर पर  सिर्फ आठ साल का नकुल राणा उर्फ नोनू ही था, जिससे पुलिस को कुछ खास मिलने की उम्मीद थी। एसपी क्राइम तृप्ति भट्ट, एसपी देहात श्वेता चौबे और एसपी सिटी अजय सिंह ने नकुल से अकेले में कई दौर की बातचीत की। लाड़ प्यार दिखाने के साथ चाकलेट, कुरकुरे आदि का प्रलोभन भी दिया गया, लेकिन नकुल ने कुछ भी लेने से मना कर दिया।

बार-बार वह यही कहता रहा कि वह पापा को बाहर तक टाटा करने गया था। बाकायदा नकुल ने पापा ने जो कपड़े पहने थे वह तक बता दिए। अधिकारी नकुल को बाहर तक लाए। क्रास सवाल भी किए, लेकिन वह अपने बयान पर अडिग रहा। एसपी देहात श्वेता चौबे का कहना है कि दीपिका ने बहुत अच्छे से बेटे को टाटा करने का पाठ पढ़ाया था। यह भी कहा था कि वो किसी के प्रलोभन में ना आए। मासूम को नहीं मालूम था कि पापा और दादा के मर्डर में खुद को बचाने के लिए मां उसका इस्तेमाल कर रही थी।

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