पार्किंग में खड़ी कार में मिले मां, बेटा और बेटी के शव, मचा हड़कंप
तीन लाशें, एक मां, उसका बेटा और उसकी बेटी। बेटा ड्राइवर सीट पर तो मां बगल वाली सीट पर मृत पड़े थे। जबकि युवती पिछली सीट पर। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की इस दर्दनाक मौत को देखकर हर किसी के रौंगटे खडे़ हो गए।
हर जुबां पर बस यही शब्द है कि आखिर क्या है तीनों की मौत की वजह? आत्महत्या होती तो पांवटा ही क्यों आए? रास्ते में भी कई सुनसान जगह थी। मौत को गले लगाना होता तो और भी कई तरीके थे। परिवार ने यह खौफनाक तरीका ही क्यों अपनाया? ऐसे कई सवालों के जवाब की तलाश पुलिस को भी है।
दिन मंगलवार, 2 मई 2017, समय सुबह 4 स्थान पांवटा साहिब। उत्तराखंड के देहरादून एनएच-7 से एक कार पांवटा सीमा में प्रवेश करती है। गेट के पास पार्किंग ठेकेदार का कर्मी पार्किंग शुल्क पर्ची कटवाने को कहता है। युवक थोड़ी देर में पर्ची कटवाने की बात करता है। चंद घंटों में स्थिति खौफनाक हो गई थी। गाड़ी में तीनों अचेत अवस्था में थे।
काफी देर बाद भी कोई मूवमेंट नहीं होने पर पुलिस को सूचना दी गई। डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान व एसएचओ समेत पुलिस व डॉक्टरों की टीम को भी मौके पर बुला लिया। डॉक्टर भी बुलाए।
मौत बन गई रहस्य
डॉक्टरों ने कहा कि कार में सवार तीनों लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद शहर में सनसनीखेज खबर आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे।
शहर में दिनभर सनसनी फैली रही। दुकानों, रेस्तराओं और ढाबों में यही चर्चा रही। करीब 11.55 बजे पूर्व नप अध्यक्ष संजय सिंघल व कुछ अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इनके रिश्तेदार पांवटा को भूपपुर की तरफ रहते हैं। संपर्क करने पर रिश्तेदार के परिजन मौके पर पहुंचे।
संदेह सही साबित हुआ। इसके बाद देहरादून रिश्तेदारों से संपर्क किया गया। साढ़े 12 बजे देहरादून से रिश्तेदार पहुंचे जिसके बाद इनकी पहचान हो सकी। दोपहर 12. 57 पर एएसपी विनोद धीमान तथा दोपहर 1.01 बजे एसपी सिरमौर सौम्या साम्बशिवन फोरेंसिक टीम सहित मौके पर पहुंची।