स्कूल को मान्यता दिलाने के लिए इस अधिकारी ने मांगी रिश्वत, ऐसे आया पकड़ में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस ने अल्मोड़ा के मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह को एक स्कूल की मान्यता दिलाने के लिए 15 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया है। आरोपी सीईओ को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस आरोपी सीईओ को शनिवार को नैनीताल स्थित विशेष न्यायालय में पेश करेगी।
जानकारी के मुताबिक विजिलेंस को पिछले काफी समय से सीईओ द्वारा घूस लेने की शिकायतें मिल रही थीं। अल्मोड़ा के नियाजगंज निवासी रिजवान का सिटी मॉडर्न स्कूल है। वह स्कूल को मान्यता दिलाने को लेकर सीईओ से मिलते रहे। विजिलेंस कार्यालय हल्द्वानी के पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव ने बताया कि सीईओ द्वारा रिजवान से स्कूल को मान्यता दिलाने के नाम कुछ समय पहले 20 हजार रुपये देने की मांग की गई। बाद में सीईओ 15 हजार रुपये देने पर स्कूल को मान्यता देने पर राजी हो गए।
ऐसे आया पकड़ में
रिजवान ने इसकी सूचना विजिलेंस के अधिकारियों को दी। इसके बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया हुआ था। सीईओ अशोक कुमार सिंह कार्यालय अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को अपने कार्यालय में बैठे थे। उन्होंने रिजवान को फोन कर कार्यालय में बुलाया। रिजवान पैसे लेकर सायं करीब सवा छह बजे सीईओ के पास कार्यालय में पहुंचे।
विजिलेंस की टीम ने सीईओ को 15 हजार रुपये घूस लेते पकड़ लिया। विजिलेंस के एसपी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि सीईओ को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को विजिलेंस टीम हल्द्वानी ले गई है, वहां पूछताछ के बाद शनिवार को नैनीताल स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। इधर, सीईओ की गिरफ्तारी से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।