फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uncle sexually assault girl get 20 year imprisonment

किशोरी से दुराचार में रिश्ते के मामा को 20 साल की कैद 

Sun, 30 Sep 2018 11:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 30 Sep 2018 11:26 AM IST
विज्ञापन
uncle sexually assault girl get 20 year imprisonment
jail shimla

नाबालिग से दुराचार करने और धमकाने के मामले में रिश्ते के मामा को न्यायालय ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

विज्ञापन


स्पेशल पॉक्सो जज रमा पांडे की अदालत ने धमकी देने पर दो साल अतिरिक्त कारावास और 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की सजा और भुगतनी होगी। 

शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि चार अप्रैल 2017 को राजपुर क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने अपने सौतेले भाई के खिलाफ नाबालिग बेटी के साथ दुराचार और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप था कि सौतेला भाई उसकी 13 साल की बेटी से कई महीनों तक दुराचार करता रहा। इस बीच एक दिन (मुकदमा दर्ज होने के दिन) नाबालिग को पेट में दर्द हुआ। डॉक्टर के पास लेकर गए तो पता चला कि लड़की 22 सप्ताह के गर्भ से है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद करीब 50 दिन बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। 
विज्ञापन


न्यायालय के आदेश पर नाबालिग का गर्भपात कराया गया, जिसके भ्रूण के डीएनए का आरोपी के ब्लड के डीएनए से मिलान पाया गया। वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ-साथ इस मामले में अभियोजन की ओर से कुल सात गवाह भी पेश किए गए। वहीं आरोपी खुद को बेकसूर बताता रहा। न्यायालय ने उसके तर्कों को खारिज करते हुए और अभियोजन के साक्ष्यों व गवाहों को ध्यान में रखते हुए व्यक्ति को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसके अलावा जान से मारने की धमकी देने के दोष में दो साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है।   
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत में नहीं पहुंचा वादी पक्ष 
मुकदमा दर्ज होने के कुछ दिनों बाद ही वादी पक्ष अपने मूल देश नेपाल चला गया था। पुलिस ने उन्हें काफी तलाश किया, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। लिहाजा न्यायालय ने दोषी पर लगाए गए जुर्माने को सरकारी खजाने में जमा कराने के आदेश दिए हैं। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि वादी पक्ष के मिलने पर क्षतिपूर्ति राशि दे दी जाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed