YOU TUBE देखकर घर में ही धड़ाधड़ छापने लगे नकली नोट, इस तरह हुआ खुलासा
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नोटबंदी के बाद से दो युवक इतने परेशान हो गए कि उन्होंने खुद ही नोट छापने का प्लान बना डाला। यू ट्यूब देखकर दोनों घर पर ही धड़ाधड़ नोट छापने लगे। पकड़े गए तो बड़ा खुलासा हुआ। आगे पढ़िए...
चंबा थाना पुलिस घर पर नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2000, 500 और 100 के 24900 रुपये के नकली नोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवकों के घर से पुलिस ने प्रिंटर, स्कैनर, लैपटॉप और कागज के साथ ही चोरी की बाइक भी बरामद की है।
शनिवार को थाना पुलिस चंबा-धरासू हाईवे पर हड़म गांव के समीप वाहनों की रूटीन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को उत्तरकाशी की ओर से बाइक (यूके 07 बीटी-9765) पर सवार दो युवक चंबा की ओर आते दिखे।
पुलिस को देखकर इन युवकों ने बाइक उल्टी दिशा में मोड़ दी। संदेह होने पर पुलिस ने इन युवकों का पीछा करते हुए बाइक को रोक लिया। तलाशी लेने पर युवकों के जेब से 24900 रुपये के नकली नोट मिले। ये नोट 2000, 500 और 100 के नोटों में थे।
दो दिन पहले ही शुरु किया था धंधा
पुलिस ने बताया कि आरोपी स्कैनिंग, लैपटॉप के जरिए असली नोट के जरिए आसानी से घर पर नकली नोट बना रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपी युवकों ने घर में प्रिंटर, स्कैनर, कॉपीयर, लैपटॉप लगाया हुआ था और उम्दा क्वालिटी के पेपर पर 2000, 500 के असली नोट को स्कैन कर प्रिंट करते थे। इसके बाद उसकी बारीकी से कटिंग करते थे। आरोपी युवक नकली नोटों की पहली खेप को चंबा बाजार में चलाने के फिराक में थे।
थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान ने आरोपी की पहचान सुरेंद्र सिंह राणा (31) पुत्र प्रेम सिंह राणा और वीरेंद्र सिंह राणा (24) पुत्र शूरवीर सिंह राणा निवासी ग्राम बरनू तहसील कंडीसौड़ टिहरी के रूप में हुई है।
न्होंने बताया कि सुरेंद्र से दो हजार रुपये के छह, पांच सौ का एक और सौ के 10 नकली नोट मिले। जबकि वीरेंद्र से दो हजार के पांच, पांच सौ का एक और सौ रुपये के नौ नकली नोट मिले है। इन युवकों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि दो दिन पहले ही उन्होंने बरनू गांव में अपने घर पर नकली नोट बनाने का गोरखधंधा शुरू किया था।
इस तरह आया आइडिया
चौहान ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि वह मुंबई में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। 25 जुलाई को उसने देहरादून से प्रिंटर खरीदा था। अन्य सामान मुंबई से लाया था, जबकि वीरेंद्र बरनू गांव में अवैध शराब का धंधा चलाता है। पुलिस के अनुसार सुरेंद्र पूर्व में अवैध शराब और चोरी की घटनाओं में जेल जा चुका है। आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
अमूमन लोग यू टयूब से नई-नई सामाजिक जानकारी लेते हैं, लेेकिन कंडीसौड़ बरनू गांव के सुरेंद्र सिंह राणा ने यू टयूब से नकली नोट छापने का तरीका सीखा। उसने बताया कि उसने यू टयूब से नकली नोट बनाना सीखा था। अपने घर पर जब दो दिन पहले उसने नकली नोट बनाने का काम शुरू किया था तो नोट बनाते समय पहले उसके कई कागज बर्बाद भी हुए। बीती रात को वह और वीरेंद्र तीन बजे तक नकली नोट स्कैन और प्रिंट करने में लगे रहे।
नकली नोट बनाने के लिए घर का चयन इसलिए किया था कि किसी को इसकी भनक न लगे। घर को वे अपना सबसे सुरक्षित ठिकाना मानकर चल रहे थे। बीती रात को परिजनों ने उनसे पूछा भी था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। सुरेंद्र के पिता बीएसएफ से सेवानिवृत्त है और वीरेंद्र के पिता काश्तकार है।