लोन लेने के लिए बैंक के साथ किया इतना बड़ा फर्जीवाड़ा, कि सकते में आए अधिकारी
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लोन लेने के लिए एक युवती और युवक ने मिलकर इतना बड़ा फर्जीवाड़ा कर दिया कि मामला खुलते ही अधिकारी सकते में आ गए। मामले का पता लगते ही पुलिस भी हैरान रह गई।
पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर सुभारती मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक के नाम पर 10 लाख का ऋण स्वीकृत कराने वाले गिरोह के मास्टर माइंड जिया खान को साथी समेत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को उसकी कई माह से तलाश थी।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि हरिद्वार के ज्चालापुर निवासी और सुभारती मेडिकल कालेज में चिकित्सक प्रखर वर्मा ने नौ अगस्त 2017 को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि जालसाजों ने उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उनके नाम पर एक बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया।
बैंक टीम वेरीफिकेशन के लिए उनके पास आई तो इस जालसाजी का खुलासा हुआ। मुकदमा दर्ज कर टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान सन्नी गांधी ग्राम नई बस्ती और मोहसिन अहमद निवासी ग्राम खाताखेड़ी जनपद सहारनपुर की गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ था।
तब से गिरोह का मुखिया जिया खान उर्फ रहमान निवासी आजाद कालोनी और नवीन बंसल निवासी एमडीडीए कालोनी लक्ष्मण चौक वांछित चल रहे थे। शहर कोतवाल बीबीडी जुयाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को जिया खान और नवीन बंसल को दबोच लिया।
पूछताछ में जिया खान ने बताया कि मेडिकल कालेज के एकाउंटेंट धीरज ने चिकित्सक के दस्तावेज फाइल से चुराए थे। सन्नी ने खुद को प्रखर वर्मा बनकर लोन स्वीकृत कराया था। इनके पास से सुभारती मेडिकल कॉलेज की दो फर्जी मोहरें, डॉ.प्रखऱ वर्मा का पहचान पत्र, सेलरी स्लिप, पेन कार्ड बरामद हुआ है। आरोपियों की कार को सीज कर दिया गया है।