चाकूओं से गर्दन और आंखे गोदकर व्यापारी की हत्या, शव की हालत देख कांप गए लोग
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मुखानी चौराहे पर स्थित अपनी दुकान से लापता 40 वर्षीय व्यवसायी विकास अग्रवाल की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। उनका क्षत विक्षत शव सोमवार सुबह भरतपुर नंबर 2 कमलुवागांजा जंगल में पड़ा मिला।
कातिलों ने उनकी गर्दन, आंख और हाथ पर धारदार हथियार से वार किए गए थे। एसएसपी ने कातिलों को पकड़ने के लिए एसपी सिटी के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की हैं।चौधरी कालोनी निवासी मुनीकांत अग्रवाल के बेटे विकास अग्रवाल की मुखानी चौराहे पर बिजली के सामान की थोक दुकान है।
रविवार शाम साढ़े छह बजे दुकान का आधा शटर बंद देखकर मकान मालिक को शक हो गया। उन्होंने विकास से बात करने के लिए फोन लगाया मगर नंबर नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने विकास के परिजनों को फोन किया।
वे रात में वहां पहुंचे तो दुकान का शटर आधा खुला था। मोबाइल नंबर मिल नहीं रहा था। इस मामले में विकास के रिश्तेदार पंकज वार्ष्णेय ने मौखिक सूचना मुखानी पुलिस को दी। सोमवार सुबह दस बजे व्यवसायियों ने एसपी अमित श्रीवास्तव से संपर्क किया।
स्कूटी और मोबाइल का नहीं चल सका पता
एसपी सिटी ने एसओजी को व्यवसायी की तलाश करने को कहा। एसओजी ने विकास का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो अंतिम लोकेशन सोमवार शाम सात बजकर 39 मिनट पर लामाचौड़ के पास बृजवासी स्कूल के पीछे मिली।
इसके बाद पुलिस के साथ परिजनों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया। इस दौरान भरतपुरी नंबर 2 कमलुवागांजा के जंगल में उसका शव पड़ा मिला। चापड़ जैसे धारदार हथियार से विकास के आंख, गर्दन और हाथ पर कई वार किए गए थे।
घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव के साथ चार थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। डाग स्क्वायड ने जंगल का चक्कर लगाया लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
स्कूटी और मोबाइल का नहीं चल सका पता
परिजनों ने बताया कि व्यवसायी की स्कूटी और मोबाइल का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि कई बिंदुओं पर मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही कातिलों को पकड़ा जाएगा।