मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के बाद इस नेता को मारने पहुंचे कुख्यात राठी के गुर्गे, ऐसे बची जान
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राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के एक धड़े के नेता को मारने पहुंचे फतेहपुर यूपी की जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी के गुर्गों ने पिस्टल तान दी।
इंटक नेता ने साहस दिखाते हुए अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली तो बाइक सवार दोनों बदमाश फरार हो गए। इंटक नेता ने डीजीपी व गृह मंत्रालय से मामले की शिकायत की।
साथ ही गंगनहर कोतवाली में तहरीर दी। इंटक नेता ने शिकायत में कुख्यात सुनील राठी पर जेल के भीतर से रंगदारी मामले का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, इंटक नेता की शिकायत पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की छानबीन में जुट गई है।
कुख्यात राठी द्वारा इंटक नेता को दी गई थी धमकी
पिछले साल नवंबर माह में कुख्यात सुनील राठी के नाम से गंगनहर कोतवाली क्षेत्र निवासी राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के एक धड़े के नेता दिनेश पहलवान के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई थी।
उस दौरान कॉल करने वाले ने बागपत जेल में बंद कुख्यात राठी के नाम पर धमकी देने की बात कही थी। इसके साथ ही कॉल करने वाले ने जेल में बंद राजबाला की मदद करने को कहा था।
इंटक नेता ने गंगनहर कोतवाली में कुख्यात राठी के धमकी देने की बाबत तहरीर दी थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। कुख्यात राठी द्वारा इंटक नेता को धमकी देने के बाद एक बार फिर अब सनसनीखेज मोड़ आ गया है।
स्कूटी से ऑफिस जा रहे थे इंटक नेता
इंटक नेता दिनेश पहलवान ने एक बार फिर पुलिस से की शिकायत में बताया कि दो दिन पूर्व वह अपनी स्कूटी से ऑफिस जा रहे थे। इस बीच कुख्यात सुनील राठी के दो गुर्गे एक बाइक पर सवार होकर आए और उनकर पिस्टल तान दी।
इससे पहले की बदमाश गोली चलाते, उन्होंने साहस साहस दिखाते हुए अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल ली। लाइसेंसी रिवाल्वर निकालते देख बाइक सवार बदमाश बौखला गए और फरार हो गए। आरोप लगाया कि जेल में रहते हुए कुख्यात सुनील राठी रंगदारी मामले में मुकदमा वापस लेने का लगातार दबाव बना रहा है। लेकिन उन्होंने मुकदमा वापस लेने से इंकार कर दिया है। यही वजह है कि कुख्यात राठी अपने गुुर्गों से उन्हें डराने व धमकाने का प्रयास कर रहा है। उधर, इंटक नेता की शिकायत पर पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
कुख्यात सुनील राठी मुझ पर लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है। अपने गुर्गों के जरिए पिस्टल दिखाकर मुझे डराने का प्रयास कर रहा है। लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। मैं मुकदमा वापस नहीं लूंगा और इसका जवाब कोर्ट में दूंगा।
- दिनेश पहलवान, राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस, इंटक नेता
बजरंगी की हत्या के बाद उत्तराखंड में फिर शुरू कुख्यात राठी के खौफ का खेल
पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या करने के बाद एक बार फिर उत्तराखंड में कुख्यात सुनील राठी के खौफ का खेल शुरू हो गया है। जेल में रहते हुए कुख्यात राठी उत्तराखंड में दोबारा से अपना नेटवर्क खड़ा करने में जुट गया है। राठी के खौफ के खेल की उत्तराखंड में वापसी से पुलिस अधिकारी भी सकते हैं।
ये बात पुलिस अधिकारी भी अच्छी तरह जानते हैं कि राठी के खौफ की प्रदेश में दोबारा वापसी यहां के कारोबारियों व पुलिस के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। राठी के खौफ की प्रदेश में दोबारा वापसी न हो इसे लेकर एसटीएफ व पुलिस लगातार उसके गुर्गों व शूटरों की तलाश कर रही है।
बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या करने के बाद कुख्यात सुनील राठी जरायम की दुनिया में बड़ा नाम उभरकर सामने आया है। अब तक कुख्यात राठी का उत्तराखंड व वेस्ट यूपी में ही जरायम की दुनिया में डंका बजता था। लेकिन मुन्ना बजरंगी की हत्या करने के बाद जरायम की दुनिया में राठी के नाम का खौफ पूर्वांचल तक जा पहुंचा है। हालाकि बजरंगी की हत्या से पूर्व उत्तराखंड पुलिस द्वारा मां राजबाला की गिरफ्तारी के बाद कुख्यात सुनील राठी व उसका पूरा गैंग बैकफुट पर आ गया था। जिसके चलते राठी ने रुड़की जेल में रहते हुए अपनी हत्या की आशंका जताते हुए बागपत जेल में शिफ्ट करने की बात कही थी। जिसकी वजह से उसे बागपत जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। राठी भले ही बागपत जेल में शिफ्ट हो गया था, लेकिन शातिर कुख्यात ये बात भी अच्छी तरह जानता था कि बागपत जेल में आने के बाद उसका खौफ उत्तराखंड में कम हो गया है।
अपने इस खौफ को बरकरार रखने के लिए कुख्यात राठी ने बागपत जेल में रहते हुए रुड़की के इंटक नेता से रंगदारी मांगते हुए रुड़की जेल में बंद मां राजबाला की मदद का दबाव बनाया। इतना ही नहीं उसने अपने गुर्गे वे शूटरों को उत्तराखंड में फिर से सक्रिय होने के निर्देश दिए। कुख्यात के इशारे पर गुर्गों ने इंटक नेता पर पिस्टल तानकर एक बार फिर साफ संकेत दे दिए हैं कि उत्तराखंड में कुख्यात राठी के खौफ का खेल दोबारा शुरू हो गया है। कुख्यात राठी के खौफ की वापसी होने पर पुलिस अधिकारियों के माथे पर चिंता के बल पड़ने लगे हैं। कुख्यात दोबारा से प्रदेश में पैर न जमा पाए इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने एसटीएफ व पुलिस को सचेत कर दिया है। साथ ही उसके शूटरों व गुर्गों की तलाश कर धरपकड़ करने का अभियान शुरू कर दिया है।