मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने बिल्डिंग से कूदकर दी जान
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सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन गुप्ता (40) की शनिवार को रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी लाश मेडिकल कॉलेज परिसर के डी ब्लॉक में नीचे पड़ी मिली। वह इसी ब्लाक की पहली मंजिल पर वह रहते थे। प्रथमदृष्ट्या पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। डाक्टर का शव चित्त पड़ा मिला है। डाक्टर के कमरे और उसकी जेब से पुलिस को तीन सुसाइड नोट मिले हैं।
गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद राजेंद्र नगर निवासी डॉ. नवीन गुप्ता पुत्र रमेश चंद्र गुप्ता मेडिकल कॉलेज परिसर के डी ब्लॉक के टाइप थ्री बिल्डिंग के कमरा संख्या चार में रहते थे। शनिवार सुबह अखबार बांटने वाले ने उसका शव पड़ा होने की सूचना उसी ब्लॉक के निवासी चंदन को दी। इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली।
पुलिस ने डॉक्टर की जेब से दो सुसाइड नोट, पर्स से 13 हजार 900 रुपए, एटीएम, कार्ड, क्रेडिट कार्ड, डीएल सहित अन्य कागजात बरामद किए। डी ब्लॉक की चौथी मंजिल का निरीक्षण करने पर पुलिस को कमरे और कार की चाबी मिली। इसी से पुलिस अनुमान लगा रही है कि डॉक्टर चौथी मंजिल से कूदे होंगे। कमरे की तलाशी में बेड पर एक और सुसाइड नोट मिला।
पेन ड्राइव खोने की दर्ज कराई थी रिपोर्ट
चौकी प्रभारी जीएस अधिकारी ने बताया कि तीन दिन पहले डॉक्टर ने पेन ड्राइव की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसमें विभागीय डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहरया था। पड़ोसी रेडियो टेक्नोलोजिस्ट एस जमा ने पुलिस को बताया कि डॉ. नवीन की पत्नी अपने दोनों बच्चों के साथ शुक्रवार को अपने भाई महावीर के साथ मायके साहिबाबाद इंडस्ट्रियल स्टेट चली गई।
पुलिस ने कमरे को सील कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस डॉक्टर के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। घटना के चलते मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सकते में हैं।
पिता रमेश गुप्ता पुलिस की इस बात सहमत नहीं हैं कि उनके बेटे ने खुदकुशी कर ली। उनका कहना है कि उनके बेटे के सुसाइड करने का कोई कारण नहीं है। अब पुलिस की जांच ही बताएगी डॉ. नवीन की हत्या हुई या उन्होंने आत्महत्या की।