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मिल गई दोस्त का अपहरण करवाने वालो सत्यम की लाश
ब्यूरो / अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:58 AM IST
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कई तरह के कयासों के बाद आखिरकार ऋषिकेश के हार्दिक रावत अपहरण के मास्टर माइंड सत्यम बंसल का शव मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में गंगनहर से बरामद हो गया।
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पुलिस को रिमांड पर लिए हत्यारोपी सगे भाइयों की निशानदेही पर यह कामयाबी मिली है। परिजनों ने शव को पहचान भी लिया है। शामली पुलिस ने शव का पीएम कराने के साथ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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हार्दिक रावत का अपहरण करने वाले रोहित और मोहित को ऋषिकेश पुलिस ने सत्यम बंसल काशव बरामद करने के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया था। पूछताछ में इन दोनों ने हार्दिक के अपहरण में शामिल रहे सत्यम बंसल की हत्या कर शव को गंगनहर में फेंकने का जुर्म कबूल किया था।
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एसओ रायवाला संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गुरुवार को आरोपियों को लेकर शामली गई। शामली पुलिस ने रात में ही गंगनहर का पानी रुकवा दिया था।
गोताखोर और जल पुलिस की टीम ने सत्यम के शव की तलाश में गंगनगर में सर्च आपरेशन चलाया। बुढ़ाना गंगनहर में गुरुवार शाम को सत्यम का शव बोरे से बरामद हो गया। सर्च आपरेशन के दौरान आरोपी रोहित और मोहित साथ चलते रहे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि सत्यम के शरीर पर अंडवियर है और उसके शव को बोरे में डालकर नहर में फेंका था। पुलिस क्षेत्राधिकारी चक्रधर अंथवाल ने बताया कि घंटों मशक्कत के बाद शाम करीब छह बजे शव बरामद किया। मौके पर मौजूद सत्यम के पिता ने शव की शिनाख्त की।
बताया कि परिजनों को शामली में बुलाया गया था। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि हत्या शामली में हुई है। लिहाजा 302 का केस संबंधित थाना क्षेत्र में ही दर्ज कराया जा रहा है। तफ्तीश भी शामली पुलिस ही करेगी।
कौन था सत्यम
हार्दिक अपहरण कांड में अपने ही साथियों के हाथों जान गंवाने वाला सत्यम गंगानगर, ऋषिकेश में नानी के साथ रहता था। स्कूल छोड़ने के बाद वह गलत संगत में पड़ गया था। फुटबाल खेलने के दौरान सत्यम और हार्दिक की दोस्ती हो गई थी।
बाद में सत्यम ने शामली के लिसाढ़ निवासी रोहित और मोहित के साथ मिलकर हार्दिक के अपहरण की योजना बनाई थी। सत्यम ही अपने एक साथी के साथ हार्दिक को हरिद्वार ले गया था, जहां रोहित और मोहित को सौंपकर उसी रात वापस ऋषिकेश आ गया।
पुलिस से बचने के लिए सत्यम यहां से भागकर लिसाढ़ चला गया था। यहां पर दोनों भाइयों ने सत्यम की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव गंगनहर में फेंक दिया था।