फर्जी IAS मामलाः राष्ट्रपति संग ग्रुप फोटो पर रूबी का खुलासा
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मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में फर्जी आईएएस के रूप में रहने के आरोप से घिरी रूबी चौधरी के 164 के तहत दर्ज कराये बयान में कई नए खुलासे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि बुधवार को हुए बयानों में रूबी ने राष्ट्रपति के साथ प्रशिक्षु आईएएस के उस ग्रुप फोटो को जाली बताया है, जिसमें रूबी को दिखाया गया है। कहा जा रहा है कि रूबी ने आईएएस अकादमी के अधिकारी पर पहले लगाए गए आरोपों की भी पुष्टि की है।
अदालत में 164 के तहत बयान दर्ज कराने के बाद रूबी चौधरी ने सुद्दोवाला जेल में बुधवार शाम अपने अधिवक्ता राजीव रतूड़ी के साथ मंत्रणा की। रतूड़ी का कहना है कि रूबी पहले दिन से ही 20 दिसंबर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ प्रशिक्षु आईएएस के ग्रुप में अपने फोटोग्राफ को जाली बता रही है।
वह भी एसआईटी से फोटोग्राफ की हकीकत का पता लगाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक इसका संज्ञान नहीं लिया गया है। बताया कि अकादमी के अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में पहले ही बताया जा चुका है। रूबी एसआईटी पर प्रताड़ित किए जाने के आरोप पहले ही लगा चुकी है।
रिश्वत के आरोपों को भी रूबी ने दोहराया है। रतूड़ी ने उम्मीद जताई कि कोर्ट में दिए गए बयानों से एसआईटी की जांच का रुख बदल जाएगा। उधर, एसआईटी विवेचक ने रूबी के बयान का अवलोकन करने के बाद आला अधिकारियों से राय मशविरा किया। एसआईटी की जांच अब रूबी के बयान पर आधारित हो सकती है।
अधिकारियों, कर्मचारियों पर लगाए आरोप
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में करीब छह माह तक फर्जी आईएएस बनकर रहने की आरोपी रूबी चौधरी के बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय छवि बंसल की अदालत में बयान दर्ज किए गए।
करीब 45 मिनट तक रूबी ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए। सूत्रों की माने तो रूबी ने कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर (जिसमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं) प्रकरण में शामिल होने का आरोप लगाया है। जिला कारागार से रूबी को सुबह 11.50 बजे कोर्ट स्थित हवालात लाया गया।
हवालात में मुश्किल से 10 मिनट रखने के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वे 164 के बयान दर्ज कराना चाहती है, इस पर रूबी ने हां कहा।
रूबी द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए हामी भरने के बाद उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय छवि बंसल की अदालत में ले जाया गया। जहां मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज किए गए। रूबी के अधिवक्ता अरुण खन्ना ने कहा कि रूबी ने मामले में एलबीएस के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम बताए हैं।
उसने बताया कि इन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी थी। रूबी अब तक जिन लोगों पर आरोप लगा रही थी, उसने मजिस्ट्रेट के सामने उन्हीं आरोपों को दोहराया। रूबी के अधिवक्ता ने बताया कि मजिस्ट्रेट के सामने बयान में रूबी ने एक केंद्रीय मंत्री के पीए का नाम भी लिया है। रूबी ने कहा कि उसी ने एलबीएस के अधिकारी से उसे मिलवाया था।
रूबी बोली, जानना चाहती हूं मेरी गलती क्या है
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में रूबी चौधरी ने कहा कि वह जानना चाहती है कि उसकी गलती क्या है।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जाएंगे हस्तलेख
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में रूबी से हस्तलेख मिलान के लिए लिखवाया गया। हिंदी में उससे लिखवाए गए लेख को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला पंडितवाड़ी भेजा जाएगा।
164 के बयान के लिए उत्सुक नजर आई रूबी
पिछली पेशी के दौरान हां और ना में जवाब देने वाली रूबी चौधरी बुधवार को आक्रामक तेवर में नजर आई। वह बयान दर्ज करने के लिए भी बेहद उत्सुक दिखी। जांच अधिकारी शाहजहां अंसारी द्वारा उसके अधिवक्ता को यह कहे जाने पर कि यह आखिरी मौका है,
रूबी को कहें कि वह सच कहे। इस पर रूबी जांच अधिकारी से बोली ठीक कह रही हैं, आपकी जांच भी सही दिशा में चल रही है। वहीं मीडिया से बोली कि बहुत लिख लिया आप लोगों ने।
रूबी के हस्तलेख को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला पंडितवाड़ी भेजा जाएगा। एलबीएस अकादमी से प्राप्त कंप्यूटर की हार्ड डिस्क को केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला सीबीआई दिल्ली या किसी अन्य प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। रूबी से तीन से चार हार्ड डिस्क, कुछ विवादित अभिलेख आदि सामान बरामद किया गया है।
- जेएस बिष्ट, संयुक्त निदेशक विधि
- रूबी के मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए बयान जांच का हिस्सा बनेंगे। पुलिस इन्हें केस डायरी में शामिल करेगी। उसने किसी का नाम लिया है तो पुलिस उसकी जांच करेगी।
- चंद्रशेखर तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता