किरायेदार ने सगी बहनों को बनाया हवस का शिकार
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राजधानी देहरादून में एक युवक ने दो नाबालिग बहनों से दुराचार कर डाला। पीड़ित परिवार के घर में किराये पर रहने वाला यह युवक बड़ी बहन को आतंकित कर कई दिन से शोषण कर रहा था।
सोमवार को छोटी बहन से दुराचार किया तो उसकी करतूत खुल गई। भागने की कोशिश कर रहे युवक को दबोच लिया गया। राजपुर क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने नेपाल निवासी सूरज श्रेष्ठ को तीन माह पूर्व किराये पर रखा था।
वह घर के पास ही एक कोठी में माली का काम करता था। सोमवार को आरोपी ने मकान मालिक की 11 वर्षीय छोटी बेटी से दुराचार किया। बालिका ने माता-पिता को घटना की जानकारी दी।
इस बीच 16 वर्षीय बड़ी बेटी ने भी दुराचार की जानकारी दी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बड़ी बेटी ने बताया कि सूरज ने कुछ दिन पूर्व उससे दुराचार किया था। किसी को न बताने की धमकी दी थी। इसके बाद वह लगातार उसका शोषण करता रहा।
पिता दोनों बेटियों को लेकर पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने मेडिकल के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया। एसओ राजपुर राजेश शाह ने बताया कि पुलिस घर पहुंची तो सूरज भागने की तैयारी में था। उसे दबोच लिया गया। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बीमारी से परेशान युवक ने फांसी लगाकर दी जान
एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट न मिलने से वजह साफ नहीं हो सकी है, लेकिन बीमारी की वजह से उसके परेशान होने की बात कही जा रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के लूनिया मोहल्ला निवासी मूलचंद सोमवार को परिवार संग शादी में शामिल होने दिल्ली गए थे। घर पर बेटा चंद्रप्रकाश (32) अकेला था। सोमवार रात उसने पंखे पर लटककर फांसी लगा ली।
मंगलवार सुबह पड़ोसी किसी काम से आया, लेकिन काफी खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसी ने खिड़की से झांककर देखा तो चंद्रप्रकाश का शव लटका नजर आया।
सूचना पर पुलिस ने शव नीचे उतारा। तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। उधर, परिजन भी दोपहर में लौट आए। इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट ने बताया कि चंद्रप्रकाश अविवाहित था और किसी निजी कंपनी में नौकरी करता था। बताया कि पूछताछ में पेट की बीमारी के चलते उसके डिप्रेशन में होने की बात सामने आई है।