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पढ़िए, क्या कर रहे हैं रणवीर एनकाउंटर के 'मास्टरमाइंड'?

Tue, 10 Jun 2014 04:37 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 10 Jun 2014 04:37 PM IST
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ranvir singh fake encounter in dehradun

रणवीर एनकाउंटर की लिखापढ़ी का खेल किसी से छिपा नहीं है। मातहत तो मुंह नहीं खोल पाए और अधिकारी खुद को बड़ी सफाई से बचाकर ले गए। सजा के बाद अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे है।

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निचले पुलिसकर्मियों के हिस्से में तो सलाखे आई, जबकि अधिकारी एक रैंक प्रमोशन पाकर ऊंचाइयों की तरफ बढ़ गए।

रणवीर मुठभेड़ में शामिल होने को लेकर एक नहीं दो-दो फर्द तैयार की गई थी। पहली फर्द में अधिकारियों ने खुद को शामिल किया था। विरोध को भांपकर आनन-फानन में दूसरी फर्द तैयार कर मुठभेड के किरदार बदल दिए गए।

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पुलिस पूरी तरह एकजुट थी

ranvir singh fake encounter in dehradun

सीबीसीआईडी जांच के दौरान फर्द बदलने की बात जोर-शोर से उठी थी, लेकिन सीबीआई जांच का आदेश होने के बाद यह बात दबती चली गई। उस समय पुलिस पूरी तरह एकजुट थी।

रायपुर के लाडपुर में हुई मुठभेड़ में एक इंसपेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी अधिकारियों के निर्देश पर शामिल हुए। वाहनों के चालक तो बिना कुछ करे ही लिखापढ़ी में शामिल रखने की पंरपरा बरसों से पुलिस निभाती आ रही हैं।

हालांकि विरोध के स्वरों को हवा ना मिले, इस लिहाज से अधिकारी कानूनी कटघरे में खड़े पुलिसकर्मियों के साथ खड़े रहे।

जान से मारने की धमकी देने का आरोप

ranvir singh fake encounter in dehradun

एनकाउंटर के बाद मृतक रणवीर के पिता रविन्द्र पाल सिंह ने शव को कब्जे में लेने को लेकर सीओ जीसी टमटा के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे।

वह भी अब पूरे परिदृश्य से गायब हैं। सीबीआई के आरोप पत्र दाखिल होने के बाद इन अधिकारियों की जान में जान आई, क्योंकि उन पर भी एनकाउंटर के चक्रव्यूह में फंसने के बादल मंडरा हुए थे।

सोमवार को 18 पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई गई तो कई परिवारों ने सीबीआई जांच के साथ अफसरों के दबाव में लिखापढ़ी में दर्शाए गए नामों पर भी सवाल उठाए गए। सिपाही चंद्रभान की पत्नी का कहना था कि न तो सीबीआई ने बेकू सरों को लेकर कोई सजगता दिखाई और न ही अधिकारी बचाव को आगे आए।

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अब कहां है कौन अफसर

ranvir singh fake encounter in dehradun

मुठभेड़ के समय अमित सिन्हा दून के एसएसपी थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद उनकी कुर्सी भी खिसक गई थी। सर्विस के हिसाब से वन रेंक प्रमोशन पाकर वह डीआईजी बन गए थे।

अब सजा का फैसला आया तो वह देहरादून के डीआईजी है। तब के सीओ डालनवाला अजय सिंह भी प्रमोशन पाकर एएसपी बन गए है।

फिलहाल वह हरिद्वार के एसपी देहात के रुप में तैनात है। एसपी ट्रैफिक निलेश भरने फिलहाल पीएचक्यू में है। वह भी कई जिलों के एसपी रह चुके है। जीसी टमटा फिलहाल नैनीताल में बताए गए है। इन सभी ने मौकेपर पहुंचकर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई थी।

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