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एक-एक कर बिछाई अपनों की लाश, 4 का कत्ल, दो साल बाद खुलासा

Tue, 17 Jan 2017 09:24 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 17 Jan 2017 09:24 AM IST
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police revealed four murder case dehradun.
हत्या - फोटो : DEMO Pics

दो साल पहले पत्नी, दो बच्चों और सास की हत्या करने वाले एक अकाउंटेंट को एसओजी और पटेलनगर पुलिस ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। आरोपी हत्या के बाद चारों की गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद सुसाइड नोट लिखकर खुद भी गायब हो गया था।

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पुलिस का दावा है कि युवक ने महज शक के आधार पर पत्नी को मौत के घाट उतारा। इस हत्या के राज को हमेशा के लिए दफन करने के इरादे से आरोपी ने परिवार के तीन और सदस्यों को मार दिया।
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रविवार को पुलिस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 20 मार्च 2015 को इंद्रप्रस्थ एनक्लेव शिमला बाईपास सेवला कला माजरा निवासी राजीव सिंह ने पत्नी गीतिका (35), पुत्री इशिका (10), पुत्र अरु (2) और सास मिथिलेश (61) की गुमशुदगी दर्ज कराई।

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सुसाइड नोट लिखकर खुद भी हो गया था गायब

police revealed four murder case dehradun.
हत्या

उसने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि चारों लोग वैष्णों देवी के लिए गए थे और तब से गायब हैं। 21 मार्च 2015 को घर पर सुसाइड नोट छोड़कर आरोपी भी गायब हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पांच लोगों की खोजबीन शुरू कर दी।

राजीव के कुछ दोस्तों से पूछताछ की तो पता चला कि वह काफी शातिर और जिंदादिल इंसान था। वह इस तरह आत्महत्या नहीं कर सकता है। एसओजी ने आरोपी का मोबाइल सर्विलांस में लगाया तो उसकी अंतिम लोकेशन हिमाचल प्रदेश में मिली। जांच में एक के बाद एक कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने शनिवार को राजीव को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने चारों की हत्या की बात कबूली।

हत्या का खुलासा करने वाली टीम को डीजीपी ने 20 हजार, आईजी ने पांच हजार, डीआईजी ने दस हजार और एसएसपी ने ढाई हजार रुपये देने की घोषणा की है।

हत्यारे तक ऐसे पहुंची पुलिस

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पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला

एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि दिसंबर में इंस्पेक्टर पटेलनगर रितेश शाह के नेतृत्व में जांच तेज करने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान पुलिस को राजीव के चचेरे साले हर्बटपुर निवासी आदित्य और आशीष के पास से चार जनवरी को आरोपी का पैन कार्ड और आधार कार्ड मिला।

दस्तावेजों के आधार पर सभी बैंकों में उसके अकाउंट की जांच की गई तो मार्च 2015 के बाद उसका अकाउंट नहीं मिला। वोटर आई कार्ड के आधार पर पता लगाया तो जनवरी 2017 में ही उसने बैंक ऑफ बड़ौदा चंडीगढ़ में एक अकाउंट खोला था। इसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। साथ ही आधार कार्ड पुलिस के लिए मददगार साबित हुआ। 

पुलिस का दावा, आरोपी की पत्नी का है शव
एसएसपी के अनुसार राजीव ने पुलिस को बताया कि 13 दिसंबर 2014 को दोपहर में उसका पत्नी से विवाद हुआ। जिस पर उसने हॉकी से पत्नी के सिर पर वार किया। जिससे उसकी मौत हो गई। वह शव को कार में रखकर कोल्हूखेत मसूरी पहुंचा और वहां से उसने शव को खाई में फेंक दिया।

इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने उस दौरान मसूरी में मिले शवों की पड़ताल की तो एक अज्ञात महिला के शव के बारे में पता चला। शव से मिली अंगूठी और कपड़ों के आधार पर चचेरे भाई आशीष और आदित्य ने उसकी शिनाख्त की।

आरोपी ने बताया कि 10 दिन बाद वह बेटी और बेटे को मां से मिलवाने के लिए हरिद्वार ले गया और उन्हें नदी में फेंक दिया। इसके कुछ दिन बाद वह सास को भी पत्नी से मिलवाने के बहाने हरिद्वार ले गया और उसे भी नदी में फेंक दिया।

इसलिए मारा सास और बच्चों को

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हत्‍या

राजीव ने बताया कि बेटी और बेटा अक्सर मां की याद में रोते थे। उसने बच्चों से मां को भूलने की भी बात कही, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मजबूरन उसे बच्चों को मारना पड़ा। सास अक्सर नाती और नातिन के बारे से राजीव से पूछताछ करती थी। हर बार वह किसी तरह उन्हें समझाते थे, लेकिन एक दिन सास ने दोनों से मिलने की जिद कर दी। नतीजतन उनकी हत्या करनी पड़ी। 

मामले को अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में नहीं पहुंचने दिया
इस मामले का खुलासा तभी संभव हुआ जब पुलिस अधिकारी शुरू से ही इस प्रकरण में गंभीरता दिखाई। क्योंकि इस प्रकरण में कोई दबाव, प्रदर्शन, शिकायत व अपील करने वाला नहीं था। पुलिस  धीरे-धीरे अंजाम तक पहुंचकर इसका खुलासा किया।  एसएसपी पुष्पक ज्योति के समय गुमशुदगी लिखी गयी। उस दौरान टीम गठन कर जांच शुरू हुई।

इसके बाद एसएसपी रहे डॉ सदानंद दाते और एसपी सिटी अजय सिंह ने भी काफी प्रयास किए। राजीव के परिजनों तक पहुंचने के लिए टीम गठन किया गया। उस समय पटेलनगर थाना के इंस्पेक्टर रहे पंकज गैरोला और एसओजी इंचार्ज अशोक राठौड़ ने इस प्रकरण में काफी मेहनत की। मोबाइल, वोटर आईडी कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए।

वर्तमान में एसएसपी स्वीटी अग्रवाल के कार्यकाल में पटेलनगर इंस्पेक्टर रितेश की टीम ने इस घटना का खुलासा कर दिया। इन सभी ने इस प्रकरण में काफी गंभीरता दिखाई। आपसी समन्वय की वजह से आज खुलासा हुआ।

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