नौकरी पाने को खुद ही बन गया पुलिस अधिकारी

अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 11 Nov 2013 10:33 AM IST
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police officer create jobs

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विकासनगर के युवक ने नौकरी पाने के लिए नायाब तरीका खोज निकाला, लेकिन एक छोटी सी गलती से वह पकड़ा गया।
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ओएनजीसी में पाई सुरक्षा गार्ड की नौकरी
पुलिस अधीक्षक की फर्जी मुहर से पीसीसी (पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट) बनाकर दो लोगों ने ओएनजीसी में प्राइवेट सुरक्षा गार्ड की नौकरी पा ली। ओएनजीसी ने जांच कराई तो फर्जीवाड़े का पता लगा। पुलिस कार्यालय के सहायक लिपिक की ओर से शहर कोतवाली में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
फर्जी मोहर लगे कागजात करवाए कंपनी में जमा
गांव छरबा सहसपुर के सहेंद्र सिंह पुत्र ध्यान सिंह और बरोटीवाला, विकासनगर के नरेंद्र सिंह पुत्र केहर सिंह ने जुलाई 2013 में पुलिस अधीक्षक देहरादून के फर्जी मुहर व हस्ताक्षरों से चरित्र सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र जारी कर दिए।

ये पीसीसी और प्रमाण पत्र युवकों ने मुंबई की प्लेसमेंट कंपनी डीपीटी में जमा कराए। कंपनी के जरिए दोनों का प्लेसमेंट ओएनजीसी में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में हुआ।

कागजाता जांच को भेज एसएसपी को पास
ओएनजीसी वसुधरा भवन बांद्रा के डीजीएम सुरक्षा की ओर से सत्यापन प्रमाण पत्रों को जांच के लिए देहरादून एसएसपी कार्यालय भेजा गया। पुलिस कार्यालय ने प्राथमिक जांच की तो हक्के-बक्के रह गए।

सभी दस्तावेजों पर पुलिस अधीक्षक की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर किए गए थे। पुलिस कार्यालय के सहायक लिपिक विनोद सिंह बिष्ट ने बताया कि शहर कोतवाली में धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा कराया गया है।
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