पकड़ा गया कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी का भाई, खोले 'धंधे' के सारे राज
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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस की नाक में दम करने वाले खूंखार अपराधी सुनील राठी के जेल से जमीनों पर कब्जा करने एवं छुड़वाने का गैंग चलाने से पुलिस की नींद उड़ी है।
अरबों रुपये की प्रापर्टी कब्जे में लेने के लिए पूरी प्लानिंग सुनील राठी ने जेल से रची। गुर्गे लगातार उससे जेल में मिलने जाते थे। राठी के परिजन भी कुछ दिन पहले मिलने जेल गए थ।
सुनील राठी ने जेल से अपने चचेरे भाई के नाम एक चिट्ठी लिखी। जिसमें विवादित जमीन खाली करवाने की बात लिखी थी। वह चिट्ठी परिजनों के माध्यम से चचेरे भाई तक पहुंचाई गई।
इसके बाद ही प्रापर्टी पर कब्जा करने की प्लानिंग हुई। डीके मित्तल से सौदा हुआ कि प्रापर्टी कब्जे में आने के बाद कुछ हिस्सेदारी सुनील राठी की होगी। एसएसपी के मुताबिक पांचों गुर्गों को अलग-अलग जेलों में भेजा जाएगा, ताकि जेल में सुनील राठी की गैंगबंदी न हो सके।
पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कुख्यात अपराधी सुनील राठी के चचेरे भाई समेत गैंग के पांच शातिर बदमाशों को दबोचा है। बदमाश सुभाष नगर स्थित अरबों रुपये की जमीन पर कब्जा करने आए थे।
इससे पूर्व में बदमाशों ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करते हुए उसमें काबिज व्यक्ति को डराने के लिए उसके घर पर फायरिंग की थी और लगातार फोन पर उसे धमकी दे रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाशों को गिरफ्तार कर तमंचे बरामद किए हैं।
धमकी देकर हड़पना चाहता था जमीन
एसएसपी निवेदिता कुकरेती के मुताबिक सुभाष नगर स्थित तीन बीघे भूमि पर सुनीता और डीके मित्तल का विवाद चल रहा है। भूमि अरबों रुपये की है और सुनीता के कब्जे में है।
सुनीता का आरोप है कि डीके मित्तल उक्त भूमि पर जबरन कब्जा करना चाहता है। भूमि कब्जाने के लिए उसे डरा धमका रहा है। छह जुलाई को भी डीके मित्तल कुछ बदमाशों के साथ उसके घर आया। जमीन से कब्जा छोड़ने की धमकी देते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। सुनीता ने क्लेमेंटाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
एसएसपी के मुताबिक सुनीता के परिचित सचिन शर्मा को भी अनजान नंबरों से जमीन से कब्जा खाली करवाने की धमकी मिल रही थी। धमकाने वालों की तरफ से कहा जा रहा था कि जिस जमीन पर सुनीता काबिज हैं उसे सुनील राठी ने खरीद लिया है। लिहाजा, सुनीता जमीन से बेदखल हो जाए।
कब्जा नहीं छोड़ने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। पुलिस ने सचिन शर्मा की तहरीर पर क्लेमेंटाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी ने बताया कि दोनों ही मुकदमों की जांच पड़ताल में इसकी पुष्टि हुई कि सुनीता को प्रापर्टी से बेदखल करने के लिए डीके मित्तल ने कुख्यात अपराधी सुनील राठी गैंग को हायर किया है। सुनील राठी देहरादून जेल में बंद है।
पकड़े गए गुर्गों का आपराधिक इतिहास
निवेदिता कुकरेती के मुताबिक राठी गैंग के गुर्गों तक पहुंचने के लिए क्लेमेंटाउन थाना और एसओजी ने जाल बिछाया। आशारोड़ी के पास सुनील राठी के चचेरे भाई नरेंद्र राठी को दबोच लिया। नरेंद्र राठी भूमि पर कब्जा करने के लिए ही सहारनपुर से कार से देहरादून आ रहा था। उसकी कार से एक तमंचा भी बरामद हुआ है। नरेंद्र राठी से पूछताछ के बाद पुलिस ने नरेंद्र, नवदीप, विपिन, आकाश चौधरी को को दबोच लिया।
पकड़े गए गुर्गों का आपराधिक इतिहास
- नरेंद्र राठी ग्राम टिकरी, दोघट बागपत, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और सुनील राठी का चचेरा भाई है। देहरादून झीवर हेडी पटेलनगर में रहता है। पूर्व में 5000 रुपये का ईनामी रह चुका है। नरेंद्र के खिलाफ उत्तरप्रदेश के अलग-अलग थानों में करीब 10 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
- नरेंद्र भी ग्राम भविस्सा, कांधला, शामली उत्तर प्रदेश का है। चंद्रवनी पटेलनगर में रहता है। इसके खिलाफ पूर्व में एक मुकदमा दर्ज है।
- नवदीप राठी भूडपुर जट, मंगलौर हरिद्वार का रहने वाला है और टर्नर रोड क्लेमेंटाउन में रहता है। नवदीप पर भी देहरादून में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
- विपिन कुमार भविस्सा, कांधला, शामली उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और चाणक्य रोड सुभाष नगर क्लेमेंटाउन में रहता है। पूर्व में एक मुकदमा दर्ज है।
- आकाश चौधरी लक्सर हरिद्वार का है और टर्नर रोड क्लेमेंटाउन में रहता है।