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मेरे बेटे ने सुसाइड नहीं किया, हत्या हुई

Tue, 17 Sep 2013 11:38 AM IST
अमर उजाला, मसूरी्
अमर उजाला, मसूरी् Updated Tue, 17 Sep 2013 11:38 AM IST
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nishant murder case

मसूरी के एक स्कूल में पढ़ने वाले छात्र की मौत से गुस्साए परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है।

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मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल में अध्ययनरत निशांत की रहस्यमय मौत से गुस्साए उसके परिजनों ने सोमवार को मालरोड पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर बच्चे की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया।

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सोमवार दोपहर निशांत के पिता डा. राजवीर सिंह की अगुवाई में मेरठ से करीब 80 लोग विभिन्न वाहनों से मसूरी पहुंचे। उन्होंने मालरोड और स्कूल के सामने प्रदर्शन कर पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताया। राजवीर सिंह ने कहा कि उनके बेटे ने सुसाइड नहीं किया, बल्कि उसकी पीट-पीटकर हत्या की गई है।
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पुलिस-प्रशासन में भ्रम पैदा करने के लिए उसे चुन्नी से लटका दिया गया। प्रदर्शनकारी निशांत के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें निष्पक्ष छानबीन और कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

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परिजनों ने वार्ड इंचार्ज सरबजीत संधू के साथ ही प्रिंसिपल और डायरेक्टर से भी बातचीत की। प्रिंसिपल मंजरी बख्शी ने बताया कि घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है। इसके बावजूद निशांत के पिता ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया है।

पुलिस छानबीन कर रही है। सारे तथ्य सामने आ जाएंगे। सीओ जया बलूनी सोमवार को पूछताछ करने के लिए स्कूल पहुंची। पुलिस ने हास्टल वार्डन दीपेंद्र रावत और पंकज खत्री को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

कौन देगा इन सवालों का जवाब
निशांत की मौत पर परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं। डा.राजवीर सिंह ने कहा कि उन्होंने मेरठ में बच्चे के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करवाया। बेटे के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। कहा कि 11 सितंबर को रात 8:15 मिनट पर उनकी स्कूल की डोरमेट्री इंजार्ज सरबजीत संधू से बात हुई।


निशांत से भी उसी वक्त फोन से बात कराई गई। तब निशांत ने कहा था कि नोटबुक में जो टिप्पणी लिखी है, उसमें दो अन्य लड़के भी शामिल हैं। स्कूल वाले उन लड़कों के नाम बताने के लिए दबाव डाल रहे हैं। अगले दिन निशांत की मौत की खबर पुलिस से मिली।

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उन्होंने कहा कि इस उम्र में कोई बच्चा फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास नहीं करता। बिना प्रिंसिपल की जानकारी के ड्राइवर निशांत को उठाकर अस्पताल ले गया। डा. राजवीर का कहना है कि जब वे स्कूल पहुंचे तो वहां क्लास चल रही थी। उन्होंने छोटे बेटे इशांत को क्लास से लिया।

आरोप है कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो बेटे की लाश देखने के बाद स्कूल के एक टीचर से कहा कि मुझे स्कूल ले चलो। टीचर मुझे स्कूल ले जाने के बजाय पोस्टमार्टम हाउस ले गया। ये तमाम चीजें संदेह पैदा करती हैं।

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