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सनसनी! एक और भाजपा नेता की हत्या

Mon, 16 Jun 2014 09:41 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, किच्छा
ब्यूरो / अमर उजाला, किच्छा Updated Mon, 16 Jun 2014 09:41 AM IST
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murder bjp leader

उत्तराखंड के किच्छा भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष सिविल इंजीनियर राकेश रस्तोगी की उनकी सेंट्रो कार में हत्या कर दी गई।

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इंजीनियर का शव कार में ही पिछली सीट के नीचे पड़ा मिला। हत्यारे कार को लॉक कर चाबी साथ ले गए।

रस्तोगी शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे आफिस अटेडेंट से बहेड़ी के पचपेड़ा गांव काम से जाने की बात कहकर निकले थे। परिवारजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट किच्छा थाने में दर्ज कराई थी।

घटना की सूचना पर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और कार से कुछ नूमने और निशान लिए। उधर, शाम को शव का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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शुक्रवार को गायब हुए थे राकेश

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किच्छा (उत्तराखंड) के वार्ड नंबर छह के मोहल्ला नई सुनहरी निवासी राधेश्याम रस्तोगी के 42 वर्षीय पुत्र राकेश रस्तोगी पेशे से सिविल इंजीनियर थे।

सरस्वती शिशु मंदिर की दुकान में उनका कार्यालय है। वह भाजपा के किच्छा मंडल अध्यक्ष भी थे।

परिवार वालों के मुताबिक शुक्रवार की सुबह करीब पौने ग्यारह बजे रुद्रपुर रोड स्थित हाईडिल कार्यालय के पास बने उनके आफिस में दो लोग मिलने आए।

उसके बाद वह ठीक 11 बजे आफिस की अटेडेंट मोनिका से यह कहकर निकले कि उनको जरूरी काम से बहेड़ी के गांव पचपेड़ा जाना है। उसी दिन दोपहर करीब 12 बजे उनकी पत्नी रश्मि रस्तोगी ने खाने के लिए फोन किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ।

राकेश की खबर न मिलने पर परिवार वालों की चिंता बढ़ने लगी। फोन पर लगातार घंटी जाते रही, लेकिन रिसीव नहीं हो रहा था। परेशान होकर रात करीब 11 बजे उनकी पत्नी ने किच्छा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

निकाल दिया था राकेश के मोबाइल का सिम

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किच्छा पुलिस ने उनका मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवाकर देखा तो रात दो बजे तक उनकी लोकेशन किच्छा व यूपी के बार्डर पर बसे गांव छिनकी में मिली। इसके बाद उनकी कोई लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी।

पुलिस के मुताबिक उनके मोबाइल का सिम निकाल दिया गया था। अगले दिन शनिवार की सुबह सात बजे नैनीताल रोड स्थित ग्राम मंडनपुर के पास बने ओसिस इंटरनेशनल स्कूल के चपरासी ने सेंट्रो कार यूके 06टी/8575 खड़ी देखी।

वह पास तो कार की पिछली सीट के नीचे शव दिखाई दिया। शव के चेहरे पर उसके जूते रखे हुए थे। पैरों पर काले रंग का अंगोछा पड़ा हुआ था। मृतक के गले में प्लास्टिक की पतली रस्सी से फंदा लगा था।

दोनों हाथ प्लास्टिक की पतली रस्सी से बंधे थे। सीने में पेचकस से पांच प्रहार दिखाई दे रहे थे। पांचों गहरे घाव थे। दांए हाथ पर दो जगह व बांए हाथ पर भी एक जगह पेचकस का घाव था।

मृतक के शरीर पर चोट के निशान साफ नजर आ रहे थे। ऐसा मालूम हो रहा था कि हत्या कहीं और से करके शव कार में डालकर यहां लाया गया हो। कार की आगे की दोनों सीटों पर खून पड़ा था। पीछे की सीट पर भी खून पड़ा मिला।

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कार में पड़ा ‌मिला राकेश का शव

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चपरासी ने मामले की जानकारी स्कूल के मालिक को दी। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों का तांता लग गया। इधर से गुजर रहे एक मैक्स चालक ने इसकी जानकारी किच्छा पुलिस को दी।

मृतक के दोस्त व भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य श्री कांत राठौर व किच्छा के विधायक राजेश शुक्ला पुलिस के साथ मंडनपुर गांव पहुंचे। पहचान कराने पर कार में पड़ा शव राकेश का निकला।

घटना की सूचना पर बरेली से फील्ड यूनिट व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई। इसकी वजह से शव सुबह से दोपहर दो बजे तक कार में ही पड़ा रहा।

दोपहर ढाई बजे पुलिस टीम के साथ फील्ड यूनिट, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने पहुंचकर बारीकी से छानबीन की। कार के सारे दरवाजे बंद थे। सीओ कालू सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर टीम के साथ जांच की।

एसपी देहात राम स्वरूप सिंह मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

बहेड़ी के एक गांव में रहता था मृतक का परिवार

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मृतक राकेश रस्तोगी का पूरा परिवार बहेड़ी के गांव सियाठेरी में निवास करता था। वर्ष 1995 में राकेश सिविल इंजीनियर बन गये और जयपुर नौकरी करने चले गये।

कुछ साल बाद वापस लौट आये और किच्छा में अपना प्राइवेट काम करने लगे। धीरे-धीरे वह राजनीति में सक्रिय हुए और भाजपा के सक्रिय नेता बन गये।

इसके अलावा राकेश प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करते थे। मृतक की पत्नी रश्मि के मुताबिक वह किच्छा में ही किसी से दस लाख रुपये की पेमेंट लेने की बात कह रहे थे।

सपा नेता से विवाद के बिंदु पर जांच कर रही पुलिस

पुलिस राकेश की हत्या के कारणों को जानने के लिए कई बिंदुओं पर काम कर रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ दिनों पहले राकेश का एक सपा नेता से विवाद हुआ था।

जानकारी मिलने पर पुलिस ने इसे अपनी जांच के बिंदु में शामिल किया है। किच्छा से आए लोगों की मानें तो इसके अलावा लेनदेन और अवैध संबंधों को लेकर भी जांच की जा रही है।

इसके अलावा मृतक का बहेड़ी के गांव पचपेड़ा से क्या लिंक था, पुलिस इस पर भी काम कर रही है। पुलिस मान रही है कि हो सकता है कि पचपेड़ा के किसी व्यक्ति से रंजिश या बड़े पेमेंट लेनदेन के चलते हत्या हुई हो।

चंद दिनों में ही राकेश बन गए थे करोड़पति

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक चंद दिनों में राकेश करोड़पति बन गए थे। उनके पिता राधेश्याम रस्तोगी अब भी किच्छा में टेलरी का काम करते हैं।

इधर राकेश ने अपने आफिस में कई लोगों को नौकरी पर रखा हुआ था। आए दिन लाखों रुपये का लेनदेन उनके यहां से होता था।

भाजपाइयों ने मचाया हंगामा
सुबह करीब नौ बजे पुलिस को शव कार में पड़ा होने की सूचना दे दी गई थी। पुलिस मामले की जांच के लिए बरेली से फील्ड यूनिट व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम का इंतजार करती रही।

इस बीच विधायक राजेश शुक्ला के साथ आये भाजपा नेता नैनीताल रोड पर हंगामा करने लगे। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष की हत्या की खबर सुनकर बड़ी तादाद में भाजपाई बहेड़ी पहुंच गए।

उन्होंने भाजपा नेता की हत्या के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

घर में मचा कोहराम
मृतक राकेश की पत्नी रश्मि के अलावा उसका बड़ा पुत्र मयंक (15) भी है। अभी उसने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है। दूसरा पुत्र आनन्द 12 साल का है जबकि तीसरा पुत्र अनुज करीब 5 साल का बताया जा रहा है।

राकेश की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची घर में कोहराम मच गया। उधर, किच्छा के विधायक राजेश अग्रवाल ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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