बाप को शक हुआ तो मां ने की नवजात की हत्या, उम्रकैद
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उत्तराखंड के गोपेश्वर में जिला न्यायालय ने नवजात की हत्या के मामले में आरोपी मां को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला अगस्त 2012 का है।
गैरसैंण विकासखंड के मोरपाणी गांव निवासी पदम सिंह ने वर्ष 2012 में एसडीएम गैरसैंण को तहरीर देकर पुत्रवधू मीना देवी पत्नी मोहन सिंह पर छह अगस्त को अपने नवजात बच्चे को मार डालने का आरोप लगाया था।
आजीवन कारावास की सजा सुनाई
राजस्व पुलिस ने तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना शुरू कर दी। राजस्व पुलिस ने आरोपी मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया।
मामला अदालत में चल रहा था। बुधवार को जिला जज यूएस नबियाल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी मीना देवी को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पिता ने बच्चे को अपना मानने से किया था इनकार
अभियोजना पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप बर्त्वाल की ओर से दी गई दलील में बताया गया कि मीना देवी का पति मोहन सिंह वर्ष 2012 में घर पर नहीं था।
ऐसे में मीना देवी गर्भवती हो गई। मोहन सिंह ने जन्मे बच्चे को अपना मानने से इनकार कर दिया। इसे देखते हुए महिला ने बच्चे को जन्म देने के बाद मार दिया। मीना देवी आरोप पत्र दाखिल होने के बाद से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में थी।