'मां ने ही की फुटबालर बेटी की हत्या'
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उत्तराखंड की उभरती फुटबालर मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया है। मोनिका की बुआ और चाचा समेत कई परिजनों ने कोतवाल से मुलाकात कर तहरीर दी है।
पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उसकी मां और जीजा ने उसकी हत्या की है। यही वजह रही है कि रहस्यमय हालात में मौत के बावजूद उसका पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया है। कहा कि निष्पक्ष जांच हुई तो उसकी मौत का खुलासा हो जाएगा।
गुरुवार को मोनिका की बुआ नीता देवी, चाचा हरेंद्र सिंह चौधरी, चाची बीना देवी हरिसिंगपुर के ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंचे।
उन्होंने कोतवाल प्रमोद शाह से मुलाकात की। परिजनों ने कहा कि मोनिका होनहार, बोल्ड और जुझारू खिलाड़ी थी। वह आत्महत्या करना तो दूर ऐसी कायरता की बात सोच भी नहीं सकती थी।
बताया कि मोनिका अपनी मां सरोज देवी की गतिविधियों से परेशान थी। कुछ दिन पहले उसने चाचा और बुआ से इस बात का जिक्र किया था।
...तो इसलिए हुई थी मोनिका की हत्या
मोनिका की बुआ नीतू देवी ने कहा कि उसकी मां दूसरी शादी करना चाहती थी। जिसमें मोनिका बाधा बन रही थी।
उन्होंने कहा कि उसकी आत्महत्या की कहानी बनाई गई है, जबकि उसकी हत्या की गई है जिसमें उसकी मां का प्रेमी भी शामिल है। कोतवाल से मिलने वालों में बालासौड़ के पूर्व प्रधान सुभाष पांडेय, पूर्व बीडीसी मेंबर राजेंद्र सिंह समेत कई लोग शामिल थे।
मां ने किया आरोपों से इनकार
चार साल पहले पति की मौत के बाद मुझे घर से निकाल दिया गया। मैंने दूसरे के घर काम करके बच्चों को पाला। मजबूरी में बड़ी बेटी के ससुराल के पास किराए पर रह रही हूं। मुझ पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। नवरात्र में मोनिका की तबियत बिगड़ गई। सोमवार दिन में उसे डॉक्टर को भी दिखाया था, शाम को उसने दम तोड़ दिया। उसके जहर खाने की बात भी गलत है। मेरा ननद और परिवार के अन्य लोगों से कोई संबंध नहीं है। मुझ पर साजिशन आरोप लगाए जा रहे हैं।
-सरोज देवी, (मोनिका की मां)