दगाबाज दुल्हनः साउथ की हिरोइन के नाम पर मचाई लूट
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जांच-पड़ताल के बाद ही बात आगे बढ़ाएं। नहीं तो आप भी देहरादून के एक कारोबारी की तरह ठगी का शिकार हो सकते हैं। इन्हें दक्षिण भारत की एक हीरोइन का फोटो दिखाकर शादी कराने का झांसा देकर 28.5 लाख रुपए ठग लिए। हालांकि, पुलिस ने ठगी के आरोपी युवक को बंगलूरू से गिरफ्तार किया है।
फेसबुक पर चेटिंग कर कारोबारी को फंसाने वाली उसकी महिला साथी हाथ नहीं आई है। पुलिस ने मामले में जीवन साथी डॉट कॉम को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि राजेंद्रनगर निवासी अरविंद सिंह ने पहली पत्नी की कैंसर से मौत के बाद दूसरी शादी के लिए 2010 में जीवन साथी डॉट कॉम पर अपना प्रोफाइल डाला था।
बंगलूरू के रहने वाले रमेश सत्यनारायण (30) ने अपनी सहयोगी महिला शोभा गजेंद्र (40) के साथ मिलकर नेहा नाम से फेसबुक पर प्रोफाइल तैयार की, जिसमें दक्षिण भारत की फिल्म अभिनेत्री की तस्वीर लगाई।
सर्विलांस से रमेश तक पहुंची पुलिस
प्रोफाइल देखकर व्यापारी ने शादी की हामी भर दी। इसके बाद विधवा ने नेहा बनकर अरविंद से फेसबुक पर चेटिंग करने के साथ मोबाइल पर बात करनी शुरू कर दी
करीब दो माह तक बात करने के बाद नेहा ने अपनी मां को कैंसर की कहानी सुनाकर अरविंद से इलाज के नाम पर 28.5 लाख रुपये ले लिए। 21 लाख रमेश और साढे़ सात लाख रुपए शोभा गजेंद्र के खाते में आए।
साल 2013 में बंगलूरू पहुंचकर जांच पड़ताल की तो अरविंद को ठगी का पता चला। व्यापारी अरविंद सिंह ने बसंत विहार थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कैंट कोतवाली के इंस्पेक्टर हरीश मेहरा को मामले की जांच दी गई।
करीब एक माह की भागदौड़ के बाद आरोपी रमेश सत्यनारायण को बंगलूरू से पकड़ लिया। बंगलूरू कोर्ट से आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस मंगलवार सुबह यहां पहुंची। आरोपी के पास से एक मोबाइल और लैपटॉप किला है।
आईटी एक्ट से जुड़ा होने के कारण मामले की जांच बंसत विहार थाने से लेकर कैंट कोतवाली इंस्पेक्टर के सुपुर्द की गई थी। पहले जांच इंस्पेक्टर रघुबीर सिंह असवाल और वीके जेठा के हाथों में रही, लेकिन उनमें से किसी ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई।
इंस्पेक्टर हरीश मेहरा ने नए सिरे से जांच की तो रमेश द्वारा प्रयुक्त किया जा रहा नंबर हाथ आ गया। आईडी के आधार पर रमेश का पता चला तो एक सिपाही को बंगलूरू भेजा गया। करीब 15 दिन तक वहां रहकर रमेश के बारे में जानकारी हासिल की। तीन दिन पहले इंस्पेक्टर हरीश मेहरा ने पहुंचकर रमेश को पकड़ लिया।
मां की जगह, मौसी को दिखाया बीमार
कारोबारी अरविंद होने वाली सास को देखने के लिए बंगलूरू गया था। उस समय शोभा गजेंद्र (नेहा) ने सिडनी जाने की बात कही थी। मां की जगह अपनी मौसी को कैंसर का मरीज बताकर अरविंद को दिखाया था।
नहीं था पकड़े जाने का डर
व्यापारी से मोटी रकम वसूलने के बाद उन्हें पकड़े जाने का डर नहीं था। रमेश लगातार अरविंद से बात कर रकम वापस करने का वादा करता रहता था। अरविंद ने समझदारी दिखाते हुए मुकदमे की बात उन्हें नहीं बताई थी।
अफसरों की बनाई प्रोफाइल
आरोपी सत्यनारायण के लैपटॉप से पुलिस को कई प्रोफाइल मिली हैं। इंस्पेक्टर हरीश मेहरा ने बताया कि रमेश ने सेना, पुलिस के अलावा कई अन्य अधिकारियों की प्रोफाइल तैयार की हैं। वह नागपुर का रहने वाला है, लेकिन अब बंगलूरू में रहकर सोलर प्लांट में काम कर रहा है। गजेंद्र शोभा उसके स्वर्गीय दोस्त की बीवी है।