चार फीट जमीन के लिए चाचा और बहन को किया भस्म
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दो सप्ताह पहले हुई दर्शन लाल और खुशबू की हत्या का देहरादून पुलिस ने खुलासा कर दिया।
मामले में दर्शन लाल के भतीजे और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने चार फीट रास्ते के लिए दोस्त से मिलकर चाचा और चचेरी बहन की हत्या कर दी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 25 मई को नत्थनपुर, शिवालिक व्यू कॉलोनी लेन नंबर आठ निवासी दर्शन लाल (45) और उसकी बेटी खुशबू (09) के शव झुलसी हालत में घर से मिले थे।
गला दबाकर मारने के बाद जलाए शव
दर्शन लाल मूलत: विडौना, प्रतापगढ़ (यूपी) का रहने वाला था और दून में मजदूरी करता था। पोस्टमार्टम से पता चला कि दोनों की मौत गला दबाने से हुई थी। इसके बाद शव जलाए गए थे।
पूछताछ में पता चला था कि दर्शनलाल रात को सोते वक्त कभी भी घर का दरवाजा बंद नहीं करता था। आरोपियों ने इसी का फायदा उठाया।
नेहरू कालोनी के एसओ प्रवीण कोश्यारी मामले की जांच कर रहे थे। शक के आधार पर दर्शनलाल के भतीजे आंचल से पूछताछ की गई तो वह टूट गया।
आंचल ने बताया कि चाचा ने एक साल पूर्व पक्का मकान बनाया था। इसके ठीक पीछे आंचल की जमीन है। वह इस जमीन पर घर बनाना चाहता था, लेकिन दर्शन का मकान बनने से उसे रास्ता नहीं मिल रहा था।
आंचल के मुताबिक उसने कई बार दर्शन से चार फीट रास्ता देने की मांग की, लेकिन दर्शन नहीं माना। इससे वह चाचा से नाराज हो गया और सबक सिखाने की ठान ली।
सिलेंडर को बिस्तर के पास रखकर लगाई आग
25 मई की रात आंचल दोस्त सतेंद्र संग अपने प्लाट पर पहुंचा और जमकर शराब पी। इसके बाद रात दो बजे दर्शनलाल के घर में घुसे और गला दबाकर मार डाला।
इस बीच खुशबू उठ गई तो उन्होंने उसे भी मार दिया। बाद में दोनों किचन से सिलेंडर लेकर आए और बिस्तर के बगल में रखकर आग लगा दी।
इसके बाद फरार हो गए। कुछ ही देर में घर से आग की लपटें देख पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
परिजनों को बताया था सच
दर्शनलाल और खुशबू के शवों को जलाने के दौरान आंचल और सतेंद्र के हाथ आंशिक रूप से झुलस गए थे।
यही बात आंचल पर शक की वजह बनी। एसएसपी अजय रौतेला ने बताया कि आंचल ने चाचा की हत्या का सच परिजनों को बता दिया था। उसने परिजनों पर पुलिस से शिकायत न करने का दबाव बनाया था।
मौत की नींद सोने आई थी खुशबू
घटना से एक-दो दिन पूर्व दर्शन के पड़ोस में शादी थी। वहां आए बच्चों से खुशबू की दोस्ती हो गई थी, जिसके बाद वह कुछ दिन से रात को वहीं सोने लगी थी।
घटना की रात खुशबू घर लौट आई थी। आंचल को यह बात मालूम नहीं थी। यही वजह रही कि वह दोस्त संग दर्शन को मारने चला गया। उसे लगा था कि खुशबू दूसरे घर में होगी, तो किसी को पता नहीं चलेगा।
पत्नी नहीं रहती साथ
दर्शनलाल की पत्नी गुड्डी कुछ समय से उसके साथ नहीं रह रही थी। पूछताछ में पता चला कि वह बीमार है और उसका उपचार प्रतापगढ़ में चल रहा है।
लिहाजा वह वहीं रहती है। खुशबू दर्शनलाल की अपनी बेटी नहीं थी। दंपति ने चार साल पूर्व उसे गुड्डी के भाई से गोद लिया था। हालांकि, दर्शन ने उसे कभी कोई कमी नहीं होने दी थी।