गैर बिरादरी की मोहब्बत का दर्दनाक अंत, सुसाइड नोट में लिखी पूरी कहानी
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मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे चित्रा टाकीज की गली में चित्रा हेरीटेज होटल में एक युगल पहुंचा। होटल प्रबंधक को युवक ने अपना नाम अतुल कुमार (पुत्र अरविंद निवासी गांव नादेही, थाना जसपुर, जिला ऊधमसिंह नगर) और युवती को अपनी बहन संगीता बताया।
जानकारी दी कि उसकी बहन की काउंसलिंग थी और देर रात उन्हें ट्रेन से वापस लौटना है। इस पर होटल प्रबंधक ने कमरा दे दिया। शाम करीब सात बजकर 50 मिनट पर युवती उल्टी करती हुई रिसेप्शन पर पहुंची। पीछे-पीछे युवक भी पहुंच गया। दोनो ने जहर खाया हुआ था।
लिखा, गैर बिरादरी के चलते आप मनीषा को स्वीकार नहीं करेंगे
होटल प्रबंधक ने इसकी सूचना नगर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान एक घंटे बाद युवक की मौत हो गई। जबकि युवती ने रात करीब दो बजे दम तोड़ा।
एसएसआई गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान युवती का नाम मनीषा पुत्री धर्मवीर पाया गया है। वह भी नादेही गांव की ही रहने वाली है। करीब तीन माह से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। घटनास्थल से मिले एक सुसाइड नोट में युवक ने स्वेच्छा से खुदकुशी करने की बात लिखी है।
साथ ही यह भी लिखा है कि उन्हें अंदेशा था कि गैर बिरादरी के होने के चलते परिजन उनकी शादी के लिए तैयार नहीं होंगे। इसलिए वह अब मरने जा रहे हैं। एसएसआई ने बताया कि युवक पेशे से इंजीनियर था। युवती बीएससी की पढ़ाई कर रही थी। सूचना पर दोनों के परिजन हरिद्वार पहुंच गए हैं। पुलिस ने दोनों के शव उनके सुपुर्द कर दिए हैं।
तोड़ दिए थे मोबाइल सिम कार्ड
घटनास्थल कुछ यही तस्वीर बयां कर रहा है। प्रेमी युगल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद होटल के कमरे की जांच के बाद पुलिस ने पाया कि युगल ने मोबाइल फोन का सिम कार्ड तोड़ दिया था और पूरे फोन से सारा डाटा डिलीट कर दिया था।
दूसरी तरफ प्रेमी ने अपने सुसाइड नोट में बकायदा अपने दो मोबाइल फोन नंबर लिखे हैं और युगल के आधार कार्ड भी कमरे में ही मिल गए थे। साफ जाहिर होता है कि, मौत से साक्षात्कार करने से पहले प्रेमी युगल बेहद ही उधेड़बुन में रहा होगा। वह अपनी पहचान छुपाना भी चाहते थे और नहीं भी। ऐसा घटनास्थल से प्रतीत होता है। उन्होंने किस जहरीले पदार्थ का सेवन किया है। इसका भी पता नहीं चल सका। वहां कुछ भी नहीं मिला, शायद उसे भी टॉयलेट में बहा दिया होगा।
'मम्मी-पापा आपकी बहुत बेइज्जती कर चुका हूं, ये आखिरी...'
सुसाइड नोट में अतुल ने साफ साफ लिखा है कि, गैर बिरादरी की होने के चलते आप कभी मनीषा को स्वीकार नहीं करेंगे। इसलिए, वे एक साथ जी नहीं सकते पर मौत को गले लगा सकते हैं। सुसाइड नोट का मजमून बेहद ही मार्मिक है।
युवक ने लिखा है कि, वह अपने माता पिता से बेहद प्यार करता है। पर, वह कई बार माता पिता की बेइज्जती कर चुका है पर यह उसकी आखिरी गलती होगी और उनकी आखिरी बेइज्जती भी। मैं मनीषा के बिना नहीं जी सकता हूं। हमपर किसी का दबाव नहीं है। अपनी मर्जी से यह कदम उठा रहे हैं।
बहन से मांगी माफी
बहन पूजा से भी माफी मांगी है और माता पिता से बहन की शादी धूमधाम से करने की बात कही है। लिखा है कि, उसकी प्रेमिका मनीषा भी अपने परिजन से बेहद प्यार करती है, यह संदेश उन तक भी पहुंचा दिया जाए। फिर आखिरी में युवक ने अपने भाई बहनों के नाम लिखकर उनका ही प्यार अपने माता पिता के लिए काफी बताया है।
बोलते तो करा देते शादी
दोनों की मौके बाद हरिद्वार पहुंचे परिजन बार बार यही बोलते रहे कि, उन्हें जरा भी अहसास होता तो वे उनकी शादी करा देते। युवती के पिता धर्मवीर ने रोते हुए कहा कि बेटी एक बार बताती तो सही। मैं तेरी शादी कर देता। जात बिरादरी बिलकुल भी न देखता। एक बार बोलती तो सही। मेरा सब कुछ लुट गया।
युवक के पिता अरविंद रोते हुए कह रहे थे कि तुझे इसलिए पढ़ा लिखा कर इंजीनियर बनाया था। तू एक झटके में छोड़कर चला जाए। बेटा, बताता तो सही। बात तो करता। मैं तेरी खुशी में खुश था। बेटा ऐसा क्यों किया तूने।