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विदेश में छिपाया था कालाधन तो व्यापारी को मिली ये सजा

Tue, 18 Apr 2017 10:55 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 18 Apr 2017 10:55 AM IST
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jweller got imprisonment in hiding black money in abroad
डेमो इमेज - फोटो : Internet

विदेश में कालेधन पर देहरादून के ज्वैलर्स को विभिन्न 16 मामलों में अदालत ने सजा सुनाई। मामला मार्च 2012 का है।

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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक द्विवेदी की अदालत ने ज्वैलर्स को दो साल कैद एवं आठ लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि प्रत्येक मामले में सजाएं अलग-अलग चलेंगी। मामला मार्च 2012 का है। दोषी ने आयकर विभाग को विदेश में जमा धनराशि का गलत विवरण दिया था।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि 14 मार्च 2012 को पंजाब ज्वैलर्स ग्रुप के खिलाफ सर्च की कार्रवाई की गई। उस दौरान राजू वर्मा ने जेनेवा से संबंधित एचएसबीसी बैंक एकाउंट की जानकारी नहीं दी। इनकम टैक्स विभाग की ओर से आरोपी को 30 जनवरी वर्ष 2015 में उसे अधिनियम की धारा 276 सी (1) के अंतर्गत नोटिस दिया गया।
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उसने 26 फरवरी 2015 को इसका जवाब दिया, लेकिन कोई ऐसा दस्तावेज नहीं दिखाया न ही यह बताया कि उसके पास विदेश में यह धनराशि कहा से आई। उसने जो आयकर विवरण दाखिल किया था वह भी गलत था। विदेश में यह खाता 1996 में खोला गया था।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी ने सर्च के दौरान 92 लाख रुपये विदेशी खाते में होने की जानकारी अधिनियम की धारा 132 (4) के अंतर्गत दी थी। जो उसने वित्तीय वर्ष 2012-13 की आयकर विवरिणी में दिखाया था। इनकम टैक्स की ओर से इस पर अधिनियम की धारा 148 के तहत कार्रवाई की गई।

वहीं बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि राजू वर्मा को मिसेल बारबरा फ्रेजर शुक्ला से वसीयत के आधार पर इंग्लैंड से सोना प्राप्त हुआ। जिसे बेचकर उसने यह धनराशि जेनेवा एकाउंट में जमा की थी। उसे यह मालूम नहीं था कि जेनेवा में खोले गए एकाउंट पर प्राप्त ब्याज की धनराशि पर उसे आयकर देना होगा। बचाव पक्ष ने कहा कि उसे जैसे ही इस मामले की जानकारी हुई उसने वित्तीय वर्ष 2011-12 में इस धनराशि को आयकर रिटर्न में दिखाया एवं उस पर नियमानुसार आयकर व ब्याज अदा किया।


पूरे मामले में आयकर विभाग की ओर से आरोपी पर 1997-98 से लेकर 2012-13 तक कुल 16 वाद योजित किए गए। अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए प्रत्येक मामले में दो-दो साल की सश्रम कारावास एवं 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। दोषी कर्जन रोड दून निवासी है। 

दोषी बोला समस्त आयकर बकाया देने को तैयार हूं 
सजा पर दोषी ज्वैलर्स की ओर से अदालत में कहा गया कि समस्त बकाया आयकर की धनराशि जमा करने को तैयार है। उसे आर्थिक दंड से दंडित कर छोड़ दिया जाए।

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