गोली मारकर इमाम की हत्या, डॉक्टर भी नहीं जान पाया
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हरिद्वार के सिकंदरपुर गांव में बुधवार की रात नमाज के बाद मसजिद से निकलते ही इमाम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इमाम के सीने में गोली मारी गई थी। इमाम का शव मसजिद से कुछ दूरी पर नाली के पास मिला। ताज्जुब यह रहा कि शव को लेकर जब परिजन डॉक्टर के पास गए तो डॉक्टर को भी गोली लगने का पता नहीं चला।
सिकंदरपुर गांव निवासी इसरार (35) पुत्र महबूब गांव स्थित एक मसजिद में इमाम है। बताया गया है बुधवार की रात को पौने नौ बजे की नमाज के बाद वह मसजिद से बाहर निकले थे। मसजिद के पास ही किसी ने इमाम के सीने में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। उनका शव मसजिद से थोड़ी दूरी पर स्थित नाली के पास मिला।
घटना के कुछ ही देर बाद कुछ ग्रामीणों की नजर इमाम पर पड़ी तो उन्होंने इनके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन इमाम को लेकर चिकित्सक के पास पहुंचे। चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दो घंटे तक परिजन समझते रहे हार्टअटैक
इमाम की मौत के करीब दो घंटे तक परिजन समझ भी नहीं पाए कि यह हत्या का मामला है। परिजन इसे हार्टअटैक से मौत होना ही मानते रहे। पहले गांव फिर रुड़की के चिकित्सक ने भी नब्ज और धड़कन देखकर इमाम को मृत घोषित किया।
घर आने पर परिजनों ने जब कपड़ों के अंदर से खून निकलते देखा तो हकीकत सामने आई। इसके बाद रात को ही ग्रामीण थाने पहुंच गए और पुलिस से मामले के खुलासे की मांग की।
इमाम की हत्या की सूचना मिलते ही मंगलौर सर्किल के सीओ जीबी पांडे थानाध्यक्ष महेश लखेड़ा के साथ गांव पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इमाम को गोली मारकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। अब तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली है। इमाम की हत्या के बाद गांव में हड़कंप मचा है।
मोबाइल निकालने के लिए जेब टटोली तो दिखा खून
परिजनों ने जब इमाम को मसजिद के पास पड़ा देखा तो उन्हें अनुमान भी नहीं था कि उसकी हत्या की गई है। परिजन और ग्रामीण समझ रहे थे कि हार्टअटैक आया है।
थानाध्यक्ष महेश लखेड़ा ने बताया कि घटना के बाद परिजनों ने गांव के ही एक चिकित्सक को मौके पर बुलाया था। लेकिन उसने हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद परिजन उसे लेकर रुड़की आए। रुड़की के अस्पताल में भी चिकित्सक ने उसकी नब्ज और धड़कन देखकर उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजन इमाम को लेकर आ गए।
थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों ने उसकी जेब से मोबाइल निकालने का प्रयास किया तो कपड़ों के अंदर एकत्रित हुआ खून हाथ पर लगा तो वह चौंक गए। जब कपड़े हटाकर देखा तो परिजनों को असलियत का पता चला।
सीने के बीचोंबीच गहरा जख्म देखकर परिजनों को अहसास हुआ कि गोली मारकर हत्या की गई है। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। हत्या की सूचना के बाद काफी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंच गए और खुलासे की मांग की।