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संदिग्ध परिस्थितियों में नाबालिग की मौत, ऑनर किलिंग का शक
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 17 Jan 2016 04:32 PM IST
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दून के प्रेमनगर क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में एक नाबालिग की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिजनों ने शव का दाह संस्कार कर दिया। घटना के तीन दिन बाद अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर पुलिस को इसकी जानकारी दी।
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इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो घटना संदिग्ध लगी। परिजनों के बयानों में विरोधाभास के चलते पुलिस को शक है कि मामला ऑनर किलिंग का हो सकता है। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से सहारनपुर निवासी परिवार प्रेमनगर क्षेत्र में रहता है।
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मृतक नाबालिग के पिता सब्जी की ठेलियां लगवाने का काम करते हैं। 11 जनवरी को उनकी करीब 15 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। परिजन शव को लेकर सहारनपुर स्थित पैतृक आवास गए और दाह संस्कार कर दिया। करीब तीन दिन बाद शुक्रवार सुबह किसी व्यक्ति ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। फोन करने वाले ने पुलिस को बताया कि पिता ने ही अपनी नाबालिग बेटी की हत्या कर शव ठिकाने लगा दिया है।
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सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की तो परिजनों ने बताया कि 11 जनवरी को उनकी बेटी छत की सीढ़ियों से गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हुई। इसके बाद उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि परिजन नाबालिग को लेकर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल पहुंचे थे।
परिजनों ने जब अस्पताल के डॉक्टर से पूछताछ की तो उसने बताया कि मृतका के गले पर रस्सी के निशान थे। परिजन उसे हायर सेंटर ले जाने की बात कहते हुए अस्पताल से ले गए थे। पुलिस ने जब परिजनों को डॉक्टर के बयान के संबंध में जानकारी दी तो वह इधर-उधर की बात कर पुलिस को बरगलाने की कोशिश करने लगे।
नहीं मिला मोबाइल फोन
नाबालिग के परिजनों ने बताया कि उसके पास कोई मोबाइल फोन नहीं था। जबकि पुलिस को सूचना देने वाले के अनुसार उसके पास मोबाइल था। पुलिस का मानना है कि परिजनों ने मोबाइल फोन छुपा या नष्ट कर दिया है। मोबाइल फोन के आधार पर पुलिस काफी कुछ सुराग मिलने की उम्मीद कर रही है।
आखिर किसने किया फोन?
पुलिस फोन कर सूचना देने वाले के संबंध में जानकारी जुटा रही है। जिसने पुलिस को सूचना दी वह परिवार के संबंध में काफी जानकारी रखता है। यही नहीं, उसे मृतका के संबंध में काफी जानकारी है। अनुमान है कि वह मृतका को दोस्त या परिचित हो सकता है।
बार-बार बदले बयान
अब तक हुई पूछताछ में परिजनों ने कई बार अपने बयान बदले हैं। विशेषकर मृतका के पिता के बयान में काफी भिन्नता है। इससे पुलिस का शक गहरा गया है। हालांकि पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट कहने की स्थिति में नहीं है।
साफ नहीं कैसे हुई मौत
अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि नाबालिग की मौत कैसे हुई? शव बरामद नहीं होने के चलते पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। पुलिस केवल पूछताछ और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। नाबालिग की मौत गिरने, फांसी लगाने या किसी अन्य कारण से हुई यह स्पष्ट नहीं है।
दादा भी आए थे घर
घटना वाले दिन मृतका के दादा भी पैतृक गांव से प्रेमनगर स्थित घर आए थे। घटना के बाद दादा शव को लेकर सहारनपुर गए, जहां उसका दाह संस्कार करने के बाद वह अन्य लोगों के साथ लौट आए। दादा अब प्रेमनगर में ही परिवार वालों के साथ रह रहे हैं।
शव बरामद नहीं होने के कारण फिलहाल कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। मामला ऑनर किलिंग का हो सकता है। परिजनों के बयानों में काफी विरोधाभास है। एक टीम जांच के लिए सहारनपुर भेजी गई है।
- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी