कनाडा भेजने के नाम पर 40 से ज्यादा को ठगा, चढ़ा हत्थे
- 40 से अधिक बेरोजगारों को फंसाया अपने जाल में
- एक्स सर्विस मेन सहित कुछ महिलाओं को भी फंसाया
- आरोपी युवक गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में था
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विस्तार
विदेश भेजने के नाम पर फर्जी लाइसेंस और वीजा बनाकर बेरोजगारों से लाखों रुपये ठगने वाले युवक को पुलिस ने देर रात कोतवाली क्षेत्र के एक होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने परिवार के साथ नेपाल भागने की फिराक में था।
पुलिस की अब तक पड़ताल में पता चला है कि आरोपी ने कनाडा भेजने के नाम पर एक्स सर्विस मेन और कुछ महिलाओं समेत 40 से अधिक बेरोजगारों से करीब 40 लाख रुपये की रकम हड़पी थी।
आरोपी के शिकार हुए लोगों ने पुलिस को बताया कि सिद्धार्थ गुरुंग दयानगर जैतनवाला में रहता है। एक दिन बातचीत के दौरान उसने कहा कि उसे विदेश भेजने का लाइसेंस मिल गया है। अब वह लोगों को कनाडा समेत अन्य देशों में नौकरी पर भेज सकता है। उसने लोगों को कनाडा का वीजा भी दिखाया, बाद में वह वीजा फर्जी निकला।
पासपोर्ट जमा करके एडवांस के नाम वसूले लाखों
गुरुंग के कहने पर आसपास के काफी लोग कनाडा में नौकरी करने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद उसने सबसे पासपोर्ट जमा करके मेडिकल कराने के बाद वीजा आने का इंतजार करने को कहा। इस दौरान गुरुंग ने करीब 42 लोगों से एडवांस के नाम पर किसी से 50 तो किसी से एक लाख रुपये ले लिए।
उज्ज्वल थापा निवासी जोहड़ी गांव ने बताया कि पैसा देने के बाद सिद्धार्थ रोज नया झूठ बोलता था कि बहुत जल्द सबको वीजा मिल जाएगा। बेरोजगारों ने शक होने पर अपने स्तर पर वीजा और लाइसेंस की पड़ताल की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
आरोपी की मां पैसा लौटाने की बात से मुकरी
बेरोजगारों का कहना है कि वह जब सिद्धार्थ गुरुंग के घर पैसा मांगने पहुंचे तो उसकी मां ओजस्वी गुरुंग ने कहा कि वह खुद सबको पैसा वापस दिलाएंगी। आरोप है कि अब वह अपनी बात से मुकर रही है। पीड़ित उज्जवल थापा का कहना है कि सिद्धार्थ की मां ने लिखित में दिया था कि वह पैसा लौटाएगी पर अब वह पैसा देने से इनकार कर रही है और धमकी भी दे रही है।
दार्जिलिंग के लोग भी फंसे जाल में
दार्जिलिंग निवासी वासिल सिद्धांत सिंह ने बताया कि एक अखबार में विज्ञापन पढ़ने के बाद वह और उसके छह साथियों ने गुरुंग से संपर्क किया। उसके मांगने पर पासपोर्ट और एडवांस में कुछ पैसा भी जमा करा दिए। पर उसने ना तो विदेश भेजा और ना पैसा और पासपोर्ट लौटाया। उसने बताया कि जेब में एक भी पैसा नहीं होने की वजह से पिछले छह माह से आरोपी के यहां नौकर की तरह मजबूरन में रह रहा है। पुलिस से उसने मदद की गुहार लगायी है।
ऐसे हुआ गिरफ्तार
उज्जवल थापा का कहना है कि वह और उनके कुछ परिचित सिद्धार्थ के घर पैसा वापस मांगने पहुंचे तो पता चला कि वह अपने घर पर नहीं है। आसपास के लोगों से पता चला कि वह परिवार के साथ कहीं बाहर गया है। इसके बाद पीड़ितों ने अपने स्तर पर पड़ताल की तो उसके तहसील चौक स्थित एक होटल में होने की बात पता चली। इस सूचना पर पुलिस ने लोगों की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया।