होटल हड़पने को पढ़े-लिखे युवाओं ने पार की क्रूरता की हद
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होटल हड़पने के लिए देहरादून स्थित टर्नर रोड पर चार शिक्षित नौजवानों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी।
होटल मालिक और उसके परिजनों को पूरी रात घर में बंधक बनाए रखा। घटना बुधवार रात की है। जहां ग्यारह साल के बेटे की हत्या की धमकी देकर उन्होंने अपने साथ लाए स्टांप पेपर पर मालिक के जबरन हस्ताक्षर भी करा लिए। स्टांप पेपर पर होटल को उनके नाम करने की बात लिखी गई थी।
गुरुवार की सुबह चारों आरोपी होटल मालिक की कार में बैठकर फरार हो गए। बाद में सक्रिय हुई पुलिस ने चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि उनमें से दो आरोपी पहले उसी होटल में काम कर चुके हैं। बाद में मालिक ने किसी विवाद के कारण उनको निकाल दिया और मालिक से आरोपी उसी का बदला लेना चाहते थे।
क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र के टर्नर रोड (झील केपास) पर होटल मालिक लक्ष्मीचंद्र अपने परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार रात करीब नौ बजे तमंचे से लैस चार बदमाशों ने लक्ष्मीचंद्र की पत्नी, बेटी और बेटे को बंधक बना लिया। रात में दस बजे के करीब होटल मालिक घर पहुंचे तो बदमाशों ने उन्हें भी तमंचे के बल पर कब्जे में ले लिया। इस दौरान बदमाशों ने बंधक बनाए लोगों को यातनाएं भी दीं।
बदमाशों ने परिजनों के मुंह पर टेप चिपका दी। उनकी मांग थी कि शिमला बाईपास रोड स्थित महालक्ष्मी होटल को उनके नाम कर दिया जाए। लक्ष्मीचंद्र ने आनाकानी की तो बदमाशों ने 11 साल के बेटे की हत्या की धमकी देकर पूरे परिवार को आतंकित कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने अपने साथ लाए स्टांप पेपर पर उनके हस्ताक्षर भी करा लिए।
बदमाश पकड़े गए तो पीटा ढिंढोरा
गुरुवार तड़के पांच बजे के करीब चारों बदमाश होटल मालिक की मारूति कार लेकर फरार हो गए। इस घटना से पूरा परिवार सहम गया। दो घंटे बाद साढ़े सात बजे के करीब पुलिस को मामले सूचना दी गई। एसपी सिटी अजय सिंह ने पीड़ित से बात करने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया।
इसके बाद एसओजी और क्लेमेंटटाउन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चारों बदमाशों योगेंद्र निवासी वैशपुरमान, दलबिंदर सिंह निवासी झलरी, अंकुर मलिक निवासी सुन्दरपुर और दुष्यंत निवासी धोकलपुर (सभी बिजनौर जिले के निवासी) को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से होटल मालिक की कार भी बरामद कर ली है। बताया गया कि आरोपी अंकुर और दुष्यंत पहले लक्ष्मीचंद्र के होटल में काम करते थे। बाद में विवाद के चलते उन्हें हटा दिया गया था। तभी से वह लक्ष्मीचंद्र को सबक सिखाने की योजना बना रहे थे।
होटल मालिक के परिवार को बंधक बनाने की घटना को तीसरे पहर तक पुलिस ने छिपाए रखा। जबकि पुलिस को इसकी सूचना सुबह ही मिल गई थी। बदमाश पकड़े गए तो पुलिस ने गुडवर्क का ढिंढोरा पीट दिया। क्लेमेंटटाउन पुलिस तो पीड़ित का घर बताने और आरोपियों से बात कराने से भी कतराती रही।
रात में एसएसपी पुष्पक ज्योति ने प्रेस वार्ता बुलाकर पुलिस की पीठ थपथपाई। इससे यह सवाल उठता है कि एक के बाद एक घटना को छिपाकर पुलिस क्या संदेश देना चाहती है।
पुलिस हिरासत में आए आरोपी अंकुर का कहना है कि होटल मालिक लक्ष्मीचंद से उनका रुपए के लेन-देन को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। बुधवार रात इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसे दूसरा रुप दे दिया गया।