योग इंस्टीट्यूट खोलने के लिए पैसे नहीं थे तो खेला खूनी खेल, पढ़ें पुलिस के चौंकाने वाले खुलासे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक युवक योग से एमए कर रहा था। उसका सपना था कि वह अपना योग इंस्टीट्यूट खोले, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। पैसे कमाने के लिए उसने गलत रास्ता अख्तियार कर लिया।
देहरादून बालावाला में हुई रेत-बजरी कारोबारी आदेश बालियान की हत्या के मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ा शूटर अमित तोमर चंद पैसों के लालच में सचिन के साथ देहरादून आ गया था। बता दें कि वह गांव में खेती करता है।
साथ ही हरिद्वार के एक संस्थान से योग में एमए भी कर रहा है। वह चाहता था कि एमए के बाद अपना योग इंस्टीट्यूट खोले। इसी लालच में उसने आदेश की हत्या में सचिन का साथ दिया कि सचिन उसे इतने पैसे मिल जाएंगे जिनसे वह इंस्टीट्यूट खोल लेगा।
अमित ने भी सचिन के साथ मिलकर आदेश पर गोलियां बरसाईं
सचिन ने उसे लालच दिया था कि वह काम पूरा होने के बाद उसे कुछ पैसे दे देगा, जिससे वह अपना बिजनेस शुरू कर सकता है।
इसी लालच में अमित ने भी सचिन के साथ मिलकर आदेश पर गोलियां बरसा दी। पुलिस अमित को ऋषिकेश से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। उसके पास से 315 बोर का तमंचा और कुछ कारतूस भी बरामद हुए हैं।
रविवार को एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने वारदात का खुलासा किया। जिस अपाचे बाइक से सचिन और दो शूटर मौका-ए-वारदात तक पहुंचे थे उसे सचिन ही चला रहा था।
पुलिस का दावा जल्द होंगे बाकी आरोपी गिरफ्तार
एसएसपी ने भी अमित से पूछताछ के बाद इस बात की पुष्टि की कि सचिन ने भी आदेश को कई गोलियां मारी थी। इसके बाद अमित और अनुज पास खड़ी कार में बैठ गए और सचिन बाइक लेकर हरिद्वार हाईवे से भाग निकला।
सचिन बाइक लेकर रायवाला तक गया और इसके आगे अन्य बदमाशों के साथ कार से मुजफ्फरनगर भाग गया। जहां से अमित तोमर रायवाला से ऋषिकेश चला गया था, जहां से शनिवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की अब तक की जांच में सचिन समेत तीनों शूटर और दो अन्य युवकों के नाम सामने आ रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि सचिन और अनुज गोली मारने वालों में शामिल हैं जबकि रोहित व अजीत नाम के युवक रैकी कर सूचना देने वाले बताए जा रहे हैं।