देहरादून का बेरहम स्कूल, मैराथन में रुके छात्र तो वार्डन ने घोड़ा हांकने वाले चाबुक से पीटा
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स्कूल की मैराथन दौड़ में छात्रों के थककर रुकने पर वार्डन हैवान बन बैठा। उसने छात्रों को घोड़ा हांकने वाले चाबुक से बुरी तरह पीट दिया। इसमें चार छात्रों को गंभीर चोटें आईं हैं जबकि आठ छात्र घायल हुए हैं।
शनिवार को छात्रों के परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा कुछ छात्रों के माता पिता रविवार को देहरादून पहुंचेंगे। मामले में पुलिस ने तहरीर पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अन्य छात्रों के परिजनों के पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।
मामला दून इंटरनेशनल स्कूल पौंधा का है। छात्रों के परिजनों ने प्रेमनगर थाने में शिकायत की है। शिकायत के अनुसार शुक्रवार को स्कूल की ओर से हाफ मैराथन दौड़ का आयोजन किया जा रहा था।
इस दौड़ में स्कूल के लगभग डेढ़ सौ बच्चे भाग ले रहे थे। इस दौरान कुछ छात्र थककर वहीं बैठ गए। इसके बाद पीछे से आए छात्रों ने उन्हें उठाया और आगे की तरफ ले गए।
इस बीच वहां वार्डन कर्नल (सेवानिवृत्त) आरएस सिद्धू आए और छात्रों को डांटने लगे। कुछ देर बाद लगभग 12 छात्र एक जगह थककर बैठ गए। इस पर सिद्धू आग बबूला हो गए और उन्होंने छात्रों को पीटना शुरू कर दिया।
इसके बाद उन्होंने अपने सहयोगियों को बुलाया जिनके हाथ में चाबुक था। सिद्धू ने उनसे चाबुक लेकर छात्रों पर एक के बाद एक वार करना शुरू कर दिया। छात्र चिल्लाते हुए वहां से भाग खड़े हुए।
छात्रों ने शोर मचाया तो वहां लोग भी इकट्ठा हो गए
कुछ छात्रों ने शोर मचाया तो वहां लोग भी इकट्ठा हो गए। इस मामले को दबाने के लिए तत्काल स्कूल बस बुलाई गई और छात्रों को स्कूल ले जाया गया। वहां उन्हें इस बात को लेकर डांटा गया कि कोई इस घटना को बाहर नहीं बताएगा।
थानाध्यक्ष प्रेमनगर दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि छात्रों के परिजनों ने जो तहरीर दी है उसकी जांच की जा रही है। स्कूल के आसपास के लोगों से भी बातचीत की जा रही है। कुछ छात्रों के परिजन आ गए थे, जबकि कुछ के आने बाकी हैं। सभी के आने पर साक्ष्य संकलन कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारी ने दी परिजनों को जानकारी
छात्रों को वार्डन व कुछ अधिकारियों ने बुरी तरह डरा दिया था। आरोप है कि छात्रों ने जब अपने घरों को फोन करना चाहा तो उन्हें फोन नहीं करने दिया गया। इस बीच एक कर्मचारी ने किसी छात्र के परिजन से बात कर सारी घटना बताई। इस पर परिजन ने जब स्कूल के प्रबंधन को फोन किया तो उन्हें भी तमाम बातें बताकर टाल दिया गया।
घुसने नहीं दिया गया परिजनों को
शनिवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर तीन छात्रों के परिजन स्कूल पहुंचे थे। वे काफी देर तक स्कूल के बाहर खड़े रहे लेकिन उन्हें स्कूल में दाखिल नहीं होने दिया गया। इसके बाद वे सीधे थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी।
छात्रों के लगाए आरोप गलत हैं। मैराथन दौड़ के वक्त छात्र आने जाने वाले लोगों से बदसलूकी कर रहे थे। इस पर वार्डन कर्नल आरएस सिद्धू ने उन्हें डाटा तो वे हंगामा करने लगे। सभी छात्र स्कूल में हैं। ऐसी कोई बात है तो उसकी जांच कराई जाएगी। मैं अभी अमृतसर में हूं।
- डीएस मान, चेयरमैन, दून इंटरनेशनल स्कूल