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उत्तराखंडः परिवार को मारकर 72 घंटे लाशों के बीच रहा 'हैवान'

Thu, 05 Nov 2015 01:52 PM IST
भास्कर पोखरियाल / अमर उजाला, रुद्रपुर
भास्कर पोखरियाल / अमर उजाला, रुद्रपुर Updated Thu, 05 Nov 2015 01:52 PM IST
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double murder in rudrapur.

उत्तराखंड के रुद्रपुर में मंगलवार को सामने आए सनसनीखेज मामले में हैवान आरोपी अपनी पत्नी और बेटी को मारने के बाद 72 घंटे तक उनकी लाशों के बीच बैठा रहा।

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मेरठ की जागृति विहार कॉलोनी निवासी शेयर ब्रोकर पंकज चौहान ने पत्नी और बेटी की मौत का तानाबाना मेरठ से ही बुन लिया था। उत्तराखंड में रुद्रपुर के जिस होटल में पंकज ठहरा था, उसकी पूरी जानकारी पंकज को पहले से ही थी।
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उसे यह भी मालूम था कि होटल में ज्यादा भीड़भाड़ नहीं रहती है और तीसरी मंजिल तक तो गेस्ट आते भी नहीं हैं। इसलिए उसने 30 अक्तूबर को होटल के तीसरी मंजिल पर अपनी पसंद का कमरा नंबर 201 को चुना।
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वारदात को अंजाम देने के दौरान उसे पता था कि यदि 36 वर्षीय पत्नी मृदुला चौहान और 11 वर्षीय बेटी वरन्या को जब ठिकाने लगाया जाएगा तो वहां से उनके चीखने की आवाज किसी को सुनाई नहीं देगी।

ठीक इसी प्लान से वह अपने परिजनों को गुड़गांव कहकर जाने की बात बताकर सीधे मेरठ से रुद्रपुर चल दिया। पंकज के बैग से एक नया चाकू और बाकायदा फांसी वाली मोटी रस्सी भी उसने रुद्रपुर से नहीं खरीदी, बल्कि मौत का यह सारा सामान वह मेरठ से ही लेकर चला था।

घटना को डबल मर्डर के रूप में देख रही है पुलिस

double murder in rudrapur.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पंकज चौहान को अगर खुद भी मरना ही था तो आखिर उसने तीन दिन पहले पत्नी और बेटी की हत्या के बाद खुद क्यों सुसाइड नहीं किया। इस बात को अहम पहलू मानते हुए पुलिस अब पंकज के शातिर दिमाग और केस को डबल मर्डर के रूप में देख रही है।

जिस बेटी को उसने 11 वर्ष तक पाला, पत्नी के साथ एक दशक से अधिक का समय व्यतीत किया आखिर एकाएक व्यापार में घाटा आने से पंकज द्वारा इतना बड़ा कदम उठाना कहीं न कहीं घटना के पीछे बड़ी साजिश की आशंका दिखाई देता है।

प्रकरण में एसएसपी केवल खुराना का कहना है कि मामला पूरी तरह से संदिग्ध है। दोनों शवों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मां-बेटी की मौत तीन दिन पहले ही हो चुकी थी।

उसके बाद भी पंकज चौहान होटल के उसी कमरे रह कर खाने-पीने का सामान मंगाता रहा है और अपनों की ही लाशों के बीच ही खाता-पीता और सोता रहा। उसके खुद के जहर खाने का मामला घटना के कुछ घंटे पहले का ही है। होश में आने के बाद पंकज से कई पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।

शवों से बदबू आने पर अगरबत्ती जलाता रहा

पत्नी और बेटी को मौत की नींद सुलाने के 36 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद जब शवों से बदबू आने लगी तो पंकज ने अगरबत्ती का सहारा लिया। कमरे से बदबू बाहर न जाए इसलिए वह लगातार अगरबत्ती जलाता रहा। पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो पड़ताल में कमरे से अगरबत्ती की जली राख और पैकेट भी बरामद हुआ।

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